Edited By Mansa Devi,Updated: 09 Apr, 2026 05:22 PM

विटामिन D को आमतौर पर हड्डियों की मजबूती से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अब नई रिसर्च में इसके दिमाग पर पड़ने वाले असर को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी गई है।
नेशनल डेस्क: विटामिन D को आमतौर पर हड्डियों की मजबूती से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अब नई रिसर्च में इसके दिमाग पर पड़ने वाले असर को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी गई है। अध्ययन के अनुसार, शरीर में विटामिन D की कमी सिर्फ हड्डियों तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह दिमाग की कार्यक्षमता और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकती है।
दिमाग की उम्र तेजी से बढ़ने का खतरा
रिसर्च में सामने आया है कि जिन लोगों के शरीर में विटामिन D की कमी होती है, उनमें ब्रेन एजिंग यानी दिमाग की उम्र तेजी से बढ़ने लगती है। इससे सोचने-समझने की क्षमता और ध्यान केंद्रित करने की ताकत कमजोर हो सकती है। इसके अलावा याददाश्त कम होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
मेंटल हेल्थ पर भी पड़ता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन D की कमी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। इससे एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। साथ ही यह नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे शरीर और दिमाग के बीच तालमेल पर असर पड़ता है।
30 से 40 साल की उम्र वालों में ज्यादा खतरा
अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च में पाया गया कि 30 से 40 साल के लोगों में विटामिन D की कमी का असर ज्यादा देखने को मिलता है। इस उम्र में खानपान की अनियमितता और धूप में कम समय बिताने की आदत इसके मुख्य कारण बताए गए हैं। स्टडी में 25 से 50 साल की उम्र के लोगों को शामिल किया गया था, जिसमें यह सामने आया कि 30-40 आयु वर्ग के लोग विटामिन D की कमी से अधिक प्रभावित हैं। इससे ब्रेन सेल्स यानी न्यूरॉन्स पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जो आगे चलकर मानसिक क्षमताओं में गिरावट का कारण बन सकता है।
विटामिन D और दिमाग का संबंध
रिसर्च के अनुसार, विटामिन D दिमाग की कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर इन कोशिकाओं पर असर पड़ता है, जिससे ब्रेन एजिंग और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासतौर पर उन लोगों में इसका जोखिम ज्यादा होता है जो लंबे समय तक घर या ऑफिस के अंदर रहते हैं और धूप के संपर्क में कम आते हैं।
क्या करें बचाव के लिए
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना कुछ समय धूप में जरूर बिताएं, क्योंकि सूरज की रोशनी विटामिन D का सबसे अच्छा स्रोत है। इसके अलावा दूध, अंडा और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर आहार को डाइट में शामिल करना चाहिए। यदि शरीर में विटामिन D की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना भी फायदेमंद हो सकता है।