Edited By Tanuja,Updated: 25 May, 2026 07:37 PM

भारत और कनाडा के संबंधों में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। भारत के उच्चायुक्त Dinesh K. Patnaik ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते “विरोधी” दौर से निकलकर अब “बेहद दोस्ताना” हो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal का कनाडा दौरा नए चरण की शुरुआत माना...
International Desk: भारत और कनाडा के बीच लंबे तनाव के बाद अब रिश्तों में तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है। कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने कहा है कि दोनों देशों के संबंध “विरोधी” दौर से निकलकर अब “बेहद दोस्ताना” स्थिति में पहुंच चुके हैं। उन्होंने यह बयान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के कनाडा दौरे से पहले दिया। विशेष इंटरव्यू में दिनेश के. पटनायक ने कहा कि पियूष गोयल का दौरा भारत-कनाडा संबंधों में “एक नए चरण की शुरुआत” है। उन्होंने बताया कि यह अब तक का सबसे बड़ा भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल होगा, जिसमें 100 से अधिक भारतीय उद्योगपति कनाडा पहुंचेंगे। यह प्रतिनिधिमंडल कनाडाई उद्योग समूहों, पेंशन फंड्स, बैंकों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और भारतीय प्रवासी समुदाय के नेताओं से मुलाकात करेगा।
पटनायक ने कहा,“सिर्फ यह बैठक होना ही एक बड़ी सफलता है। एक साल पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि भारत का कोई मंत्री 100 से ज्यादा प्रतिनिधियों के साथ कनाडा आएगा।” Piyush Goyal के दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई गति देना बताया जा रहा है। भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) पर बातचीत को भी इस दौरे से राजनीतिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।पटनायक ने कहा कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 32 अरब कनाडाई डॉलर यानी करीब 25 अरब अमेरिकी डॉलर का है। दोनों देश इसे अगले पांच वर्षों में दोगुना करना चाहते हैं।उन्होंने कहा, “हम 2030 या 2031 तक इसे 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने की उम्मीद कर रहे हैं।” भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि दोनों देशों ने “अतीत की समस्याओं को पीछे छोड़ दिया है” और अब सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग फिर से शुरू हो गया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठकें हो चुकी हैं और पुलिस व जांच एजेंसियां आपस में संपर्क में हैं। पटनायक ने कहा,“अब दोनों देश इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि कनाडा भारत के लिए सुरक्षित हो और भारत कनाडा के लिए सुरक्षित हो।” प्रो-खालिस्तान नेटवर्क और संगठित अपराध का जिक्र करते हुए Dinesh K. Patnaik ने कहा कि कनाडा अब इस समस्या को अपनी घरेलू चुनौती के रूप में देखने लगा है।उन्होंने दावा किया कि पिछले छह-सात महीनों में कनाडा की नई सरकार, खासकर प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के सहयोग से ऐसे तत्वों को फिर से “हाशिये पर” धकेला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चरमपंथी समूह अब विचारधारा से ज्यादा “आर्थिक गतिविधियों” में बदल गए हैं, जिनमें हथियार तस्करी, ड्रग्स, मानव तस्करी और उगाही जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
कनाडा की नई इमिग्रेशन नीतियों पर बोलते हुए पटनायक ने कहा कि हालिया बदलावों का असर भारतीयों पर पड़ा है, लेकिन कनाडा में भारत को लेकर कोई नकारात्मक भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि कनाडा अपनी इमिग्रेशन प्रणाली के दुरुपयोग को रोकना चाहता है और अच्छी इमिग्रेशन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि भारत-कनाडा संबंध 2023 में उस समय गंभीर संकट में आ गए थे जब तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जरकी हत्या में भारत की संभावित भूमिका का आरोप लगाया था।भारत ने इन आरोपों को “बेतुका” बताते हुए खारिज कर दिया था और कनाडा पर चरमपंथी तथा भारत विरोधी तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था।