ईरान-अमेरिका समझौते पर बड़ा अपडेट, तेहरान बोला-अभी नहीं होने वाली डील

Edited By Updated: 25 May, 2026 06:51 PM

iran says peace agreement with us  not imminent  despite  conclusion

ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ कई मुद्दों पर सहमति बनने के बावजूद शांति समझौता अभी “तुरंत होने वाला” नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी नेताओं के विरोधाभासी बयानों पर सवाल उठाए। वहीं अमेरिका ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच एक “मजबूत...

International Desk: ईरान ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ पश्चिम एशिया में तनाव खत्म करने को लेकर कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन किसी अंतिम शांति समझौते पर पहुंचना अभी “तुरंत संभव” नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि हाल के दिनों में वार्ता को लेकर जो प्रगति सामने आई है, वह कई हफ्तों की बातचीत का नतीजा है। उन्होंने बताया कि यह बातचीत पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए हो रही थी, जो वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक चैनल के रूप में काम कर रहे हैं।  “समझौता तुरंत होने वाला नहीं। ”

 

इस्माइल बगाई ने कहा,“यह सही है कि कई मुद्दों पर निष्कर्ष तक पहुंचा गया है, लेकिन कोई यह दावा नहीं कर सकता कि समझौते पर हस्ताक्षर जल्द होने वाले हैं।”उन्होंने अमेरिकी नेताओं के बयानों पर भी निशाना साधा और कहा कि अमेरिका से कुछ ही घंटों के अंतराल में अलग-अलग और विरोधाभासी बयान आते हैं, जिससे बातचीत और कठिन हो जाती है। ईरान ने इस दौरान China और Russia के साथ अपने संबंधों को भी महत्वपूर्ण बताया। बघाई ने कहा कि चीन के साथ ईरान की रणनीतिक साझेदारी है और बीजिंग ने क्षेत्रीय सुरक्षा तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से जुड़े मुद्दों पर हमेशा “रचनात्मक” भूमिका निभाई है।उन्होंने ईरानी उप विदेश मंत्री मजीद तख्त रवांची की चीन और रूस के राजदूतों के साथ हालिया बैठक का भी जिक्र किया, जिसमें पश्चिम एशिया की ताजा स्थिति पर चर्चा हुई।ईरान ने चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping की चार सूत्रीय क्षेत्रीय सुरक्षा योजना की भी सराहना की। इस योजना में क्षेत्रीय शांति, संप्रभुता का सम्मान, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन और साझा आर्थिक विकास पर जोर दिया गया है।

 

साथ ही मध्य पूर्व और फारस की खाड़ी में सहयोग आधारित सुरक्षा ढांचे की बात कही गई है। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा था कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच एक “काफी मजबूत प्रस्ताव” पर बातचीत चल रही है। भारत दौरे पर आए रुबियो ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और परमाणु मुद्दों पर समय-सीमित वार्ता को लेकर सकारात्मक प्रगति हुई है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति   डोनाल्ड ट्रंप  किसी जल्दबाजी में नहीं हैं और खराब समझौता नहीं करेंगे। हम कूटनीति को पूरा मौका देंगे।” ईरान और अमेरिका के बीच जारी बातचीत को पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय संघर्ष, प्रतिबंधों में राहत और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा जैसे मुद्दे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

 

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