अस्पताल की लिफ्ट में शर्मनाक हरकत CCTV में कैद, महिला स्टाफ को अकेले देख शख्स ने गर्दन पर मारा हाथ और फिर...

Edited By Updated: 27 Jan, 2026 07:18 PM

woman employee robbed elevator aiims bhopal breach hospital

भोपाल के एम्स अस्पताल में रविवार को एक महिला कर्मचारी के साथ लिफ्ट में लूट की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का खुलासा सोमवार को CCTV फुटेज सामने आने के बाद हुआ, जिसने पूरे शहर में सनसनी मचा दी। पीड़िता वर्षा...

नेशनल डेस्क: भोपाल के एम्स अस्पताल में रविवार को एक महिला कर्मचारी के साथ लिफ्ट में लूट की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का खुलासा सोमवार को CCTV फुटेज सामने आने के बाद हुआ, जिसने पूरे शहर में सनसनी मचा दी। पीड़िता वर्षा सोनी हैं, जो स्त्रीरोग विभाग में सहायक के पद पर कार्यरत हैं। वह ड्यूटी के दौरान ब्लड बैंक के पास स्थित लिफ्ट में अकेली थीं। उसी समय एक युवक, जिसने मास्क पहना हुआ था, लिफ्ट में आया और सामान्य बातचीत करते हुए नेत्र रोग विभाग का रास्ता पूछने लगा।

जैसे ही लिफ्ट तीसरी मंजिल पर पहुंची, आरोपी ने अचानक हमला किया। उसने वर्षा का सोने का मोतियों का हार और मंगलसूत्र छीनने की कोशिश की। महिला ने विरोध किया, लेकिन उसे धक्का देकर हटा दिया गया। हमलावर मंगलसूत्र लेकर सीढ़ियों की ओर भाग गया, जबकि मोतियों का हार टूटकर जमीन पर गिर गया। CCTV फुटेज से यह भी पता चला कि लिफ्ट क्षेत्र में कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। हमले के बाद वर्षा अकेली और सहमी हुई बैठी रही, जब तक कि नियमित गश्त पर निकला सुरक्षा गार्ड उसे नहीं देख पाया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं दी।

बागसेवानिया पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने रविवार होने का फायदा उठाकर IPD गेट से भागने की कोशिश की। सुरक्षा एजेंसी के अनुसार हमलावर ने अपना चेहरा छिपा रखा था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।

हालांकि एम्स परिसर में पहले भी छोटी-मोटी चोरी की घटनाएं हुई हैं, लेकिन लिफ्ट में महिला कर्मचारी के साथ इस तरह का हमला पहली बार सामने आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना केवल एक isolated मामला नहीं है, बल्कि भोपाल में कानून और सुरक्षा व्यवस्था में हुए बदलाव का असर भी दिखाती है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के नए ढांचे के तहत, चेन, पर्स और मोबाइल छीनने जैसे अपराध अब "छीना-झपटी" की श्रेणी में आते हैं।

पहले ऐसे अपराध डकैती की श्रेणी में आते थे, जिसमें 10–14 साल की सजा होती थी। अब इन्हें 'छीना-झपटी' माना जाता है, जिसमें अधिकतम सजा तीन साल है। गिरफ्तारी जरूरी नहीं है, जमानत आसानी से मिल जाती है और कई आरोपी नोटिस देकर ही छुट जाते हैं। इस बदलाव का असर आंकड़ों में साफ देखा जा सकता है। 2024 में भोपाल में ऐसे 39 मामले दर्ज हुए, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 165 से अधिक हो गई। पुलिस के अनुसार, शहर में हर दूसरे सड़क अपराध में अब छीना-झपटी शामिल है। पहले डकैती के मामलों में गिरफ्तारी, हिरासत में पूछताछ और कड़ी अदालत जांच अनिवार्य थी। अब "छीना-झपटी" को गैर-जघन्य अपराध माना जाता है, जिससे अपराधियों में डर कम हो गया है और पकड़ में आने का खतरा भी घट गया है।

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!