योग वैश्विक शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है, हर आयु वर्ग को इसे अपनाना चाहिए: मोदी

Edited By Updated: 21 Jun, 2026 10:54 AM

yoga can pave the way global peace people of all age groups should adopt modi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि योग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि वैश्विक शांति का मार्ग प्रशस्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और इसे हर आयु वर्ग के लोगों को अपनाना चाहिए। मोदी ने मध्य कोलकाता के 'रेड...

नेशनल डेस्कः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि योग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि वैश्विक शांति का मार्ग प्रशस्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और इसे हर आयु वर्ग के लोगों को अपनाना चाहिए। मोदी ने मध्य कोलकाता के 'रेड रोड' पर हजारों लोगों की मौजूदगी में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह को संबोधित करते हुए योग से मिलने वाली संतुलित जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने हर आयु वर्ग के लोगों से योग को अपनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि काम, खानपान और नींद में संतुलन दुखों को दूर करने की कुंजी है तथा योग लोगों को यह संतुलन हासिल करने का मार्ग दिखा सकता है। मोदी ने कहा, ''यही संतुलन जीवन की तरह योग का भी मूल आधार है।'' उन्होंने कहा, ''आधुनिक जीवनशैली में अधिकतर लोग इस संतुलन को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। योग हमें संतुलित ढंग से जीने की कला सिखाता है। यह हमें बताता है कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

जब हम अपने शरीर का सही तरीके से संचालन करना सीख जाते हैं तो स्वस्थ रहना हमारी आदत बन जाता है।'' प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित नहीं करता बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के जरिये शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने का मार्ग भी दिखाता है। उन्होंने कहा, ''क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसकी चेतना न केवल मन को शांति देती है बल्कि वैश्विक शांति का मार्ग भी प्रशस्त करती है। इसीलिए योग केवल हमारी व्यक्तिगत जीवनशैली के लिए ही जरूरी नहीं है बल्कि दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए भी आवश्यक है।''

मोदी ने कहा, ''आइए, हम संकल्प लें कि योग को केवल किसी एक दिन या आयोजन तक सीमित नहीं रखेंगे बल्कि इसे अपने जीवन, अपने परिवारों और आने वाली पीढ़ियों के जीवन का हिस्सा बनाएंगे।'' मोदी ने कहा कि योग दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन गया है जो विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों को एकजुट करता है। मोदी ने कहा ''पृथ्वी पर साल का सबसे लंबा दिन 21 जून अब योग के कारण सबसे बड़े सामुदायिक उत्सव का दिन बन गया है। योग लोगों को जोड़ता है। मैं इस अवसर पर विश्व के लोगों को बधाई देता हूं।''

प्रधानमंत्री ने 'स्वच्छता से स्वागत' अभियान को समर्पण भाव से आगे बढ़ाने के लिए कोलकाता के लोगों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, ''मैं 'स्वच्छता से स्वागत' के नारे को एक अभियान और वास्तविकता में बदलने के लिए कोलकाता के लोगों के अटूट समर्पण और प्रयासों की सराहना करता हूं। उनके नागरिक कर्तव्य ने पूरे देश को प्रेरित किया है।'' मोदी ने इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'बढ़ती उम्र में योग से रहें निरोग' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्राचीन पद्धति शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और वृद्धावस्था में सक्रियता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार करती है। उन्होंने कहा, ''योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है।

यह किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है। यह मानवीय चेतना की अभिव्यक्ति है।'' मोदी ने स्वस्थ वृद्धावस्था के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए कि बढ़ती उम्र से मनुष्य की क्षमताएं कम न हों। उन्होंने कहा, ''जब हम बढ़ती उम्र में निरोग रहने के लिए योग की बात करते हैं तो हम यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर सकते हैं कि उम्र बढ़ने से मनुष्य की क्षमताएं कम न हों।''

मोदी ने कहा, ''हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि हम 20 वर्ष की उम्र की तुलना में 40 वर्ष की उम्र में अधिक लचीले हों। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम 30 वर्ष की उम्र की तुलना में 50 वर्ष की उम्र में अधिक ऊर्जावान हों। हमारा लक्ष्य यह भी होना चाहिए कि हम 50 वर्ष की उम्र की तुलना में 70 वर्ष की उम्र में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का अधिक मजबूती से मुकाबला कर सकें। योग इसमें हमारी मदद कर सकता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि जब समाज स्वस्थ होता है तो राष्ट्र अधिक सक्षम, शक्तिशाली और आत्मविश्वासी बनता है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!