Edited By Subhash Kapoor,Updated: 12 Feb, 2026 05:41 PM

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक वर्ग पर अत्याचार रुक नहीं रहे, ऐसा ही एक और मामला सामने आया है जिसके अंतर्गत ह्यूमन राइट फोकस पाकिस्तान ने पाकिस्तान के साहिवाल जिले की 13 वर्षीय ईसाई लड़की सतीश मरियम के अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और जबरन शादी पर गहरी चिंता...
अमृतसर/इस्लामाबाद, (कक्कड़) : पाकिस्तान में अल्पसंख्यक वर्ग पर अत्याचार रुक नहीं रहे, ऐसा ही एक और मामला सामने आया है जिसके अंतर्गत ह्यूमन राइट फोकस पाकिस्तान ने पाकिस्तान के साहिवाल जिले की 13 वर्षीय ईसाई लड़की सतीश मरियम के अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और जबरन शादी पर गहरी चिंता प्रकट की।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पता चला है कि सतीश मरियम का अपहरण 10 और 11 जनवरी की रात को हुआ उसके पिता बशारत मसीह मजदूर हैं, जिन्होंने कुछ अज्ञात लोगों को मरियम को जबरन गाड़ी में ले जाते हुए देखा था और पुलिस शिकायत के बावजूद अभी तक कोई संतोषजनक परिणाम सामने नहीं आया है। पता चला है कि यह घटना तब हुई जब सतीश मरियम की मां शहनाज घर के काम से कहीं बाहर गई हुई थी, तभी उसे जबरन उठा लिया गया। परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी को ढूंढने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए और 22 जनवरी को अपहरण के मामले को आगे बढ़ाने के लिए पीड़ित के घर में कई व्यक्तियों द्वारा कथित तौर पर घुसपैठ की गई और धमकियां दी गई और परिवार को डराया धमकाया गया। यह भी पता चला है कि मामला तब और गंभीर हो गया कथित अपहरणकर्ता ने दावा किया के नाबालिग लड़की ने इस्लाम कबूल कर लिया है और शादी भी कर ली है।
पीड़िता के परिवार का कहना है कि सतीश मरियम के बयान दर्ज किए गए थे और 28 जनवरी को अतिरिक्त न्यायाधीश नूर मोहम्मद के समक्ष हुई अदालती सुनवाई में अपहरणकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया गया। इसमें माता-पिता को बेटी से मिलने की इजाजत नहीं दी गई और कानूनी जानकारी के बिना कार्रवाई की गई है।