Edited By Tanuja,Updated: 12 Feb, 2026 06:02 PM

बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव का मतदान गुरुवार को समाप्त हो गया और कई जगहों पर मतगणना शुरू हो गई है। चुनाव हिंसा की छिटपुट घटनाओं से प्रभावित रहा। अवामी लीग के प्रतिबंध के बाद मुकाबला BNP और जमात गठबंधन के बीच है।
Dhaka: बांग्लादेश में गुरुवार को 13वें संसदीय खूनी चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो गया और कई इलाकों में मतगणना शुरू कर दी गई है। यह चुनाव अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के पतन के बाद बनी अंतरिम सरकार की जगह नई सरकार चुनने के लिए कराया गया। मतदान के दौरान देश के कई हिस्सों से हिंसा की घटनाएं सामने आईं। यह चुनाव 84-सूत्रीय जटिल सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ आयोजित किया गया। देश की 300 में से 299 संसदीय सीटों पर सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक मतदान हुआ। एक निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवार की मौत के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया। चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद के अनुसार, दोपहर 2 बजे तक करीब 48 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। देशभर में 42,779 मतदान केंद्रों पर लगभग 12.7 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे।
अवामी लीग पर प्रतिबंध के कारण यह चुनाव बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसके पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने पिछले वर्ष अवामी लीग को भंग कर चुनाव लड़ने से रोक दिया था। BNP प्रमुख तारिक रहमान ने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल एंड कॉलेज में वोट डालने के बाद कहा कि यदि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण रहा तो उनकी पार्टी परिणाम स्वीकार करेगी। वहीं जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शफीकुर रहमान ने भी निष्पक्ष चुनाव की स्थिति में नतीजे मानने की बात कही।
चुनाव के दौरान कई जगह हिंसा की घटनाएं सामने आईं। गोपालगंज में एक मतदान केंद्र पर कथित हैंड बम हमले में 13 वर्षीय लड़की समेत तीन लोग घायल हो गए। मुंशीगंज में एक अन्य मतदान केंद्र के बाहर कई हैंड बम विस्फोट हुए, जिससे करीब 15 मिनट तक वोटिंग रोकनी पड़ी। खुलना में एक मतदान केंद्र के बाहर BNP और जमात कार्यकर्ताओं की झड़प में BNP के एक नेता की मौत हो गई। सुरक्षा के लिए करीब 10 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई जो देश के चुनावी इतिहास में सबसे बड़ी है। पहली बार ड्रोन और बॉडी-वॉर्न कैमरों का इस्तेमाल किया गया।
राजधानी ढाका में बख्तरबंद वाहन और रैपिड एक्शन टीम भी तैनात रहीं। चुनाव की निगरानी के लिए 81 स्थानीय संगठनों के 55,000 से अधिक पर्यवेक्षक और 394 अंतरराष्ट्रीय ऑब्जर्वर मौजूद रहे। कई जगह बैलेट स्टफिंग और वोट खरीदने के आरोप भी लगे, जिन पर पुलिस ने कुछ गिरफ्तारियां की हैं। चुनाव परिणाम 13 फरवरी को घोषित किए जाने की उम्मीद है। देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह चुनाव बांग्लादेश को राजनीतिक स्थिरता की ओर ले जा पाएगा।