बांग्लादेश चुनाव में बड़ी धांधलीः ‘नाइट वोटिंग’ का खेल बेनकाब, मतदान से पहले भरी गईं रिजल्ट शीट्स (Video)

Edited By Updated: 12 Feb, 2026 06:27 PM

massive election fraud was exposed in bangladesh election

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में ‘नाइट वोटिंग’, बूथ लूट, पैसे बांटने और मतदाताओं को धमकाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। झिनाइदाह में पहले से हस्ताक्षरित रिजल्ट शीट्स मिलने के बाद पीठासीन अधिकारी को हटाया गया। चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल गहराते...

Dhaka: बांग्लादेश में 13वें संसदीय आम चुनाव और रेफरेंडम के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप सामने आए हैं। कई इलाकों से ‘नाइट वोटिंग’, बूथ कब्जाने, मतदाताओं को पैसे बांटने, धमकाने और अवैध मतदान की शिकायतों ने चुनाव की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झिनाइदाह जिले के झिनाइदाह-4 निर्वाचन क्षेत्र (कलिगंज और सदर) स्थित सलिमुन्नेसा गर्ल्स स्कूल पोलिंग सेंटर से चुनाव से ठीक पहले 23 खाली रिजल्ट शीट्स बरामद की गईं, जिन पर मतदान शुरू होने से पहले ही हस्ताक्षर किए गए थे। आरोप है कि ये शीट्स रात करीब 8 बजे बीएनपी (शेफ ऑफ पैडी प्रतीक) और जमात-ए-इस्लामी (स्केल प्रतीक) के पोलिंग एजेंट्स द्वारा हस्ताक्षरित की गई थीं। आज,  नौगांव के कटखोइर हाई स्कूल सेंटर में बड़े पैमाने पर चुनाव में धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ। प्रीसाइडिंग ऑफिसर नाज़िम उद्दीन वोटिंग दौरान वे खाली रिजल्ट शीट पर पहले से साइन और सील करते हुए पकड़े गए। जब उनसे पूछा गया, तो उनका बहाना था: "मैंने समय बचाने के लिए ऐसा किया।" क्या हमारे मैंडेट को ऐसे ही हैंडल किया जा रहा है? एडमिनिस्ट्रेशन ने उन्हें वापस बुला लिया है, लेकिन जनता के भरोसे को नुकसान पहले ही हो चुका है।  

 

पीठासीन अधिकारी हटाए गए
एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट सेलिम रेजा ने दस्तावेजों की पुष्टि के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रीसाइडिंग ऑफिसर जेसमिन आरा को पद से हटा दिया। उनकी जगह कलिगंज शहीद नूर अली कॉलेज के सीनियर लेक्चरर शम्सुज्जमां खान को नया पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस घटना ने ‘नाइट वोटिंग’ के आरोपों को और बल दिया है, जिसका अर्थ मतदान से पहले बैलेट या आधिकारिक दस्तावेजों में हेराफेरी से है। हालांकि, बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। चुनाव आयोग ने भी विस्तृत जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।

 

अवामी लीग समर्थकों के आरोप
इस बीच, अवामी लीग समर्थकों ने भी कई क्षेत्रों में मतदान से पहले वोट डालने, बूथ कब्जाने और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप लगाए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में कई इलाकों में पैसे बांटने और फर्जी बैलेट सामने आने के दावे किए गए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चुनाव के दौरान हेलीकॉप्टर, ड्रोन, बॉडी-कैमरा और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जा रही है, जबकि सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं।

 

 

 

  

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