शाह ने खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि, रेलवे सुरक्षा बढ़ाने के कैबिनेट के फैसलों की सराहना की

Edited By Updated: 09 Jun, 2021 09:57 PM

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नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को धान, दलहन, तिलहन और अन्य अनाज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) के फैसले की सराहना की और कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार किसानों की आय को...

नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को धान, दलहन, तिलहन और अन्य अनाज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) के फैसले की सराहना की और कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए संकल्पित है।

उन्होंने देश में ट्रेन परिचालन की सुरक्षा और बढ़ाने के फैसले की भी सराहना की। शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘‘किसानों की आय को दोगुना करने के लिए मोदी सरकार संकल्पित है। आज उसी दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कैबिनेट ने हमारे किसान भाइयों को एक और सौगात देते हुए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को स्वीकृति दी।’’
उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने देश में ट्रेन परिचालन की सुरक्षा को और बढ़ाने के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला किया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेल को रेलगाड़ियों में सार्वजनिक बचाव व सुरक्षा सेवाओं के लिए 700 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी बैंड में पांच मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के आवंटन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके अलावा, भारतीय रेल ने स्वदेशी रूप से विकसित ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली को मंजूरी दी है जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

सरकार ने बुधवार को फसल वर्ष 2021-22 के लिये धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 72 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,940 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। इसके साथ ही दलहन, तिलहन और मोटे अनाजों की दरों में भी वृद्धि की गई है।
फसल वर्ष 2021-22 (जुलाई से जून) के लिए वाणिज्यिक फसलों में, कपास के मीडियम स्टेपल किस्म के लिए एमएसपी को 211 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 5,726 रुपये किया गया तथा कपास की लांग स्टेपल किस्म के लिए एमएसपी को 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 6,025 रुपये कर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे किसानों को आने वाले सप्ताहों के दौरान दक्षिण पश्चिम मानूसन की प्रगति के साथ बुवाई का काम बढ़ाने में मदद मिलेगी और वह तय कर सकेंगे कि कौन सी खरीफ फसल की पैदावार अधिक की जाये।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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