जंग से दूरी या तूफान से पहले की शांति? सीरिया ने साफ किया रुख- हमला हुआ तो ही देंगे जवाब

Edited By Updated: 01 Apr, 2026 02:13 AM

distance from war or peace before storm syria cleared the way

अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध, जो 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, अब 33वें दिन में प्रवेश कर चुका है। तीन देशों से शुरू हुई इस जंग की चपेट में अब कई अरब देश भी आ चुके हैं। इसी बीच सीरिया ने इस युद्ध में शामिल होने को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध, जो 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, अब 33वें दिन में प्रवेश कर चुका है। तीन देशों से शुरू हुई इस जंग की चपेट में अब कई अरब देश भी आ चुके हैं। इसी बीच सीरिया ने इस युद्ध में शामिल होने को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने ईरान के साथ चल रहे इस संघर्ष पर बड़ा बयान देते हुए साफ कहा है कि सीरिया फिलहाल इस जंग में कूदने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सीरिया पर सीधा हमला नहीं होता, तब तक देश इस युद्ध से दूरी बनाए रखेगा।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि युद्ध में उतरने का फैसला तभी लिया जाएगा, जब सभी कूटनीतिक विकल्प खत्म हो जाएंगे और कोई राजनयिक समाधान नहीं बचेगा। 

अमेरिका किसी देश की मदद नहीं करेगाः ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अब अमेरिका किसी देश की मदद नहीं करेगा। देशों को खुद ही अपने हालात संभालने होंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ब्रिटेन जैसे देश जो होर्मुज स्ट्रेट से फ्यूल नहीं ले पा रहे हैं, उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए क्योंकि अमेरिका के पास इसकी कोई कमी नहीं है।

ट्रंप ने कहा कि अगर देश चाहें, तो हिम्मत दिखाएं और खुद होर्मुज स्ट्रेट जाकर तेल ले लें। अमेरिका उनकी मदद के लिए नहीं आएगा, जैसे वे अमेरिका की मदद के लिए नहीं आए। अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान काफी हद तक कमजोर हो चुका है और सबसे मुश्किल काम पहले ही पूरा हो गया है। अब बाकी देश खुद जाकर अपना तेल ले सकते हैं।

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