Edited By Radhika,Updated: 01 Jul, 2026 05:32 PM

वेनेजुएला में 7 मई को हुई एक भारतीय नाविक के मौत के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। मृतर उत्तर प्रदेश के देवरिया का रहने वाला है। 33 साल के इस नाविक की वेन्जुएला में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुए थी। 7 मई को हुई मौत के बाद 4 जून को जब मृतक...
नेशनल डेस्क: वेनेजुएला में 7 मई को हुई एक भारतीय नाविक के मौत के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। मृतर उत्तर प्रदेश के देवरिया का रहने वाला है। 33 साल के इस नाविक की वेन्जुएला में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुए थी। 7 मई को हुई मौत के बाद 4 जून को जब मृतक का शव उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित उनके घर पहुंचा, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। भारत में हुए दोबारा पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ है कि नाविक के शरीर से दिल, दिमाग, फेफड़े और लिवर समेत लगभग सभी मुख्य आंतरिक अंग गायब थे। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद 'फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया' (FSUI) ने मामले में उच्च स्तरीय जांच और भारत सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
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भारत में हुए दूसरे पोस्टमार्टम से सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट
FSUI के मुताबिक, वेनेजुएला के अधिकारियों ने बिना किसी विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के शव को भारत भेज दिया था। मृतक के परिवार द्वारा शक जताने पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें उसके सभी आतंरिक अंग गायब होने के रिपोर्ट सामने आई है। सामने आई रिपोर्ट के अनुसार मृतक शरीर पर गर्दन से लेकर प्यूबिक हिस्से तक 22 टांकें लगे थे। इतना ही नहीं उसके शरीर से दिमाग, दिल,दोनों फेफड़े, लिवर, किडनी, तिल्ली (Spleen), अग्न्याशय (Pancreas), पेट, आंतें, थायरॉइड और श्वास नली समेत सभी अंदरूनी अंग गायब थे। सिर पर एक कान से दूसरे कान तक 21 टांके पहले से लगे हुए थे। हालांकि, शरीर पर बाहरी चोट का कोई पुराना निशान नहीं था।
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मौत की वजह का नहीं हुआ खुलासा
शरीर के भीतर कोई भी अंग न होने के कारण भारतीय डॉक्टर नाविक की मौत का असली कारण पता नहीं लगा सके।
मृतक के पिता का आरोप-
मृतक राकेश के पिता का कहना है कि "कंपनी ने पहले हमें बताया कि राकेश जहाज पर गिरकर घायल हो गए हैं। अगली सुबह कहा गया कि उनके बचने की उम्मीद सिर्फ 5% है और शाम तक मौत की खबर दे दी गई। बाद में इसे 'हार्ट अटैक' बताया गया। हम चाहते हैं कि सरकार इस धोखेबाज़ कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और मामले की निष्पक्ष जांच हो।"
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न्याय और मुआवजे की मांग हुई तेज
आमतौर पर पोस्टमार्टम के दौरान कुछ अंगों के नमूने जांच के लिए सुरक्षित रखे जाते हैं। वेन्जुएला में हुए इस नाविक की मौत के बाद पोस्टमार्टम होने पर शरीर से सारे अंगों को निकालना एक अंग तस्करी या फिर कोई बड़ी साजिश लगती है। नाविक संघ (FSUI) ने वेनेजुएला में भारतीय दूतावास से संपर्क साधा है और मांग की है कि इस अंतरराष्ट्रीय मामले की गहराई से जांच कराई जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा मिल सके।