यात्रीगण कृपया ध्यान दें; अब सोशल मीडिया पर मिलेगी आपकी अपनी भारतीय भाषा में रेलवे की पल-पल की जानकारी

Edited By Anil dev, Updated: 22 Mar, 2022 01:16 PM

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सोशल मीडिया का बेहतरीन उपयोग अगर कोई विभाग कर रहा है तो वे है भारतीय रेलवे।  रेल मंत्री से लेकर आला अधिकारी तक सभी यात्रियों से सतत संपर्क में रहते है।  करोड़ो रेल यात्रियों से लगातार संपर्क बने रखना, उनकी शिकायतों, सुझाव को सुन्ना जैसे महत्वपूर्ण...

नेशनल डेस्क: सोशल मीडिया का बेहतरीन उपयोग अगर कोई विभाग कर रहा है तो वे है भारतीय रेलवे।  रेल मंत्री से लेकर आला अधिकारी तक सभी यात्रियों से सतत संपर्क में रहते है।  करोड़ो रेल यात्रियों से लगातार संपर्क बने रखना, उनकी शिकायतों, सुझाव को सुन्ना जैसे महत्वपूर्ण कार्य  रेल विभाग सोशल मीडिया की मदद से कर रहा यही। 

लेकिन इस बार देश के हर एक कोने से पैसेंजर से उनकी भारतीय भाषा में सीधे संपर्क में रहने के लिए भारतीय रेल ने एक अनूठी पहल  की शुरुवात की है।  अब सभी पैसेंजर को मिलेगा उनकी भाषों में सीधा भारतीय रेलवे  से अपडेट ।   
इसके बारे में Koo के सह-संस्थापक अप्रमेय राधाकृष्ण ने जानकारी देते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि “मैं अब तक की अपनी हर एक रेल यात्रा के बारे में सोचता हूं और यह बहुत अच्छा अहसास है कि भारतीय रेलवे भारत को अपडेट भेजने के लिए कू का इस्तेमाल करेगा। ”

रेल विभाग ने सोशल मीडिया Koo का समझा महत्व
 एक संभव काम सोशल मीडिया कू (Koo) ने बेहद आसान बना दिया है।  रेल विभाग ने सोशल मीडिया कू (Koo)  का महत्व समझा और उस पर काम भी किया है।  यही विभाग की एक बड़ी ख़ासियत बड़ी खासियत है।   बता दें कि सन 1853 में स्थापित भारतीय रेल दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है जिसके करीब 7 हज़ार स्टेशन और 1  लाख 15 हज़ार किलोमीटर लम्बा रेलवे ट्रेक है | करीब ढाई करोड़  यात्री हर रोज़ 12 हज़ार तीनों में सफर करते है।  भारीतय रेलवे ने अपने करोड़ो यात्रियों से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया Koo का उपयोग ज़बरदस्क तरीके से कर रही है।  इसकी पहली झलक कोरोना काल में में यात्रयों  को सफर को आसान बनने और उनके अपनों से मिलाने में भी देखने को मिली थी। 

क्या है विभाग की तैयारी 
सोशल मीडिया कू (Koo) पर रेलवे की इन सोशल मीडिया साइट्स पर यात्रियों के सुझाव पर गौर किया जाएगा और शिकायतों का निवारण भी घंटों नहीं मिंटो में दिया उनकी भाषा में दिया जाएगा।  इस सब का फायदा ये होगा कि रेलवे के काम में बड़े पैमानेस पर पारदर्शिता आएगी ।   यात्री महसूस करेंगे कि अब रेल यात्रा के दौरान  वेटिंग टिकट वालों को यहाँ-वहां भटकना नहीं पड़ेगा|  टीटीई को रिश्वत नहीं देनी पड़ेगीऔर यात्रियों को अपनी ही भाषा में उनके सवालों के जवाब मिल सकेंगे ।  भारीतय रेल की तरह सरकार  के कई दुसरे मंत्रालय भी सोशल मीडिया Koo पर काफी एक्टिव है और बेहतरीन तरीके से इस बहुभाषी सोशल मीडिया साइट का इस्तेमाल कर रहे है ।  सोशल मीडिया Koo  सभी के लिए खुला है मंच है  और फिलहाल देखा जा रहा है कि रेलवे विभाग इसका बेहतर इस्तेमाल कर पैसेंजर की काफी मदद भी कर रहा है और आगे भी करता रहेगा । अगर आप भी रेलवे की कोई जानकारी लेना चाहते है तो Koo डाउनलोड करके @RailIndia फॉलो कर सकते हैं । 

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