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मिनिमम बैलेंस को लेकर SBI के ग्राहकों के लिए बुरी खबर

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Thursday, February 08, 2018-1:29 PM

नई दिल्लीः मिनिमम बैलेंस से राहत की उम्‍मीद लगाए SBI के ग्राहकों के लिए बुरी खबर है। एसबीआई के ग्राहकों को तय मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने की सूरत में पैनल्‍टी देनी होगी। देश के सबसे बड़े बैंक के कस्‍टमर्स के लिए पहले की तरह मिनिमम बैलेंस के जरूरी नियम लागू रहेंगे, हालांकि, यह नियम अलग-अलग तरह की ब्रांचों में अलग-अलग होगा। मिनिमम बैलेंस के मामले में किसके खाते में कितनी पैनल्‍टी लगेगी, यह औसत मिनिमम बैलेंस पर भी निर्भर करेगी।

मिनिमम बैलेंस की शर्तों के मामले में एस.बी.आई. ने अपनी ब्रांचों को चार तरह से बांटा है- मेट्रो, रूरल, अर्बन और सेमी-अर्बन। अर्बन या मेट्रो ब्रांचों के कस्‍टमर्स पर पहले की तरह 3000 रुपए मिनिमम औसत बैलेंस का नियम लागू रहेगा। SBI ने पिछले साल जून में मिनिमम बैलेंस को बढ़ाकर 5000 रुपए कर दिया था. हालांकि, बाद में इसे मेट्रो शहरों में घटाकर 3000, सेमी-अर्बन में 2000 और ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 रुपए किया गया था। नाबालिग और पेंशनर्स के लिए भी इस सीमा को कम कर दिया गया था. पैनल्टी को 25-100 रुपए से घटाकर 20-50 रुपए के रेंज में लाया गया था।

गौरतलब है कि एसबीआई में मिनिमम बैलेंस की सीमा दूसरे पब्लिक सेक्टर बैंकों से अधिक और बड़े प्राइवेट बैंकों से कम है। आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, कोटक और एक्सिस बैंक के मेट्रो अकाउंट्स में मिनिमम बैलेंस सीमा 10 हजार रुपए है। हालही में एसबीआई ने अप्रैल और नवंबर 2017 के बीच मिनिमम बैलेंस मेनटेन नहीं करने की वजह से ग्राहकों से 1,772 करोड़ रुपए जुर्मना वसूला।

इतनी लगती है पैनल्‍टी
मेट्रो या अर्बन ब्रांचों में मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर 30 से 50 रुपए के बीच पैनल्‍टी के साथ ही उस पर जीएसटी भी देनी होगी। सेमी अर्बन और ग्रामीण शाखाओं के लिए पैनल्‍टी 20 रुपए से लेकर 40 रुपए और जीएसटी है, हालांकि यह पैनल्‍टी मिनिमम बैलेंस कितना है, इस पर भी निर्भर करती है

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