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चाणक्य नीति: विवाह करने अौर मित्र बनाने से पहले जान लें कुछ जरुरी तथ्य

  • चाणक्य नीति: विवाह करने अौर मित्र बनाने से पहले जान लें कुछ जरुरी तथ्य
Tuesday, September 06, 2016-10:20 AM

राजनीति अौर कूटनीतिज्ञ के पितामह आचार्य चाणक्य ने अपने जीवन के अनुभवों का चाणक्य नीति में वर्णन किया है। उन्होंने जीवन के प्रत्येक पहलुअों से संबंधित नीतियों का उल्लेख किया है। चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को विवाह से पूर्व कन्या की सुंदरता की अपेक्षा उसका कुल देखना चाहिए। उसी प्रकार कैसे लोगों से मित्रता करें इस बात की भी परख होनी चाहिए। इसी प्रकार चाणक्य ने बहुत सारी नीतियों के बारे में बताया है जिन पर अमल करने से खुशहाल जीवन प्राप्त किया जा सकता है। 


विवाह के समय लड़की का कुल देखें सुंदरता नहीं  

अक्सर लड़के लड़की के कुल की अपेक्षा उसकी सुंदरता को महत्व देते हैं परंतु आचार्य चाण्क्य के अनुसार कई सुंदर लड़कियां विवाह योग्य नहीं होती। समझदार व्यक्ति उच्चकुल अर्थात संस्कारी परिवार में जन्मी कन्या से विवाह करता है। कहा जाता है कि इस प्रकार की कन्या कम सुंदर भी हो उससे विवाह कर लेना चाहिए। सुंदर कन्या संस्कारी नहीं है तो वह परिवार को तोड़ देती है।

 

कैसे स्थान पर घर बनाना चाहिए

हमें कैसे स्थान पर घऱ बनाना चाहिए इस बारें में आचार्य चाणक्य ने निम्न बातें बताई हैं। जिस स्थान पर कोई धनी रहता हो तो वहां रहने से व्यवसाय में बढ़ौतरी होती है। जहां ज्ञानी, वेद जानने वाला व्यक्ति हो वहां रहने से धर्म लाभ प्राप्त होता है। हमारा ध्यान पाप की ओर नहीं बढ़ता है। जिस स्थान पर वैद्य हो वहां रहने से हमें बीमारियों से मुक्ति मिलती है औऱ जहां पर पानी प्रचुर मात्रा में हो वहां रहने से हमें समस्त प्राकृतिक वस्तुएं प्राप्त होती हैं।


हमें किस तरह के मित्र बनानें चाहिए

सच्चे मित्र वही होते है जो हमें सभी परेशानियों से बचाएं और कठिन समय में हमारी मदद करें। हमें किस तरह के मित्र बनाने चाहिए इसके बारे में आचार्य चाणक्य ने कहा है कि जिस व्यक्ति अपने परिवार का पालन-पोषण करने की योग्य न हो, जो व्यक्ति शर्म नहीं करता है, जो व्यक्ति गलती करने पर भी किसी से नहीं डरता हो, जिसके मन में दूसरों के लिए उदारता का भाव न हो, वह लोग मित्रता के योग्य नहीं हैं।

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