श्री महाकाल भैरव अष्टमी: शराब की बोतल करें दान, बन जाएंगे मालामाल

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Saturday, November 19, 2016-11:33 AM

सोमवार 21 नवंबर को श्री महाकाल भैरव अष्टमी है। जिसे भैरव जी की उत्पत्ति और श्री भैरव जी की जयंती के नाम से भी जाना जाता है। पुराणों के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह पर्व आता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव ने कालभैरव रूप में अवतार लिया था। कृष्णाष्टमी को मध्याह्न के समय भगवान शंकर के अंश से भैरव रूप की उत्पत्ति हुई थी।  कहा जाता है कि भगवान भैरव से काल भी भयभीत रहता है इसलिए उन्हें कालभैरव भी कहते हैं। भैरवाष्टमी हमें काल का स्मरण कराती है।


शास्त्रों के मतानुसार जो व्यक्ति काल भैरव की भक्ति करता है उसके पाप स्वतः दूर हो जाते हैं और मृत्यु के पश्चात इनके भक्तों को शिवलोक में स्थान प्राप्त होता है। काल भैरव के 52 रूप माने गए हैं।


भैरव बाबा को शराब बहुत प्रिय है। उनके मंदिरों में शराब का प्रसाद अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि भैरव बाबा को शराब चढ़ाकर बड़ी आसानी से मन मांगी मुरादें पूरी की जा सकती है और जीवन में आ रहे कोहराम को शांत किया जा सकता है।  


कालभैरव बरसाएंगे धन व चमकाएंगे कारोबार
ऐसी शराब खरीदें जिसका रंग गौ मूत्र के समान हो। सोते समय उसे अपने तकिए के पास रखें। सुबह यानि कालभैरव जयंती के दिन भैरव बाबा के मंदिर जाकर शराब को कांसे के कटोरे में डालकर आग लगा दें। राहू का प्रभाव शांत होगा। मन की इच्छाएं पूर्ण होंगी।


ऐसा न कर सकें तो कालभैरव जयंती के दिन भैरव बाबा के मंदिर में जाकर शराब की बोतल चढ़ाकर किसी सफाई कर्मचारी को भेंट स्वरूप दें। जीवन में आ रही सभी समस्याओं का अंत होगा। आय के साधनों में बढ़ौतरी होगी।


आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com 

 

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
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