हार रहे थे ट्रंप, इस भारतीय के मंत्र से बदली चुनावी गेम

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Thursday, November 10, 2016-3:27 PM

न्यूयॉर्क : अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में  डोनाल्ड ट्रंप की जीत के पीछे लखनऊ के IIM से पढ़े 30 साल के अविनाश इरागावारापू  की  स्ट्रैटजी मानी जा रही है। वो ट्रंप की इलैक्शन टीम में स्टेट चीफ कैम्पेनर थे। साथ ही कोर टीम में आईटी स्ट्रैटजी और डाटा क्रंचिंग देख रहे थे। 

बतौर अविनाश, इस साल 21 सितंबर से पहले तक ट्रंप हार रहे थे। हिलेरी का जीतना तय था। मेन इलैक्शन में सिर्फ 45 दिन बचे थे। 22 सितंबर को एक बड़ी मीटिंग हुई। इस मीटिंग ने ट्रम्प को जीत का जैकपॉट दे दिया। अमरीका में रह रहे आंध्र प्रदेश के अविनाश ने   बताया कि इस मीटिंग में रिपब्लिकन ट्रम्प सहित इलेक्शन टीम के सभी अहम लोग मौजूद थे। उस दिन बनी नई स्ट्रैटजी और फिर रोज 19 से 23 घंटे तक हुए काम ने 70 साल के ट्रंप को राष्ट्रपति पद की रेस में जितवा दिया। एक अन्य सदस्य शलभ की ओर से ट्रंप को दिया गया 'मोदी मंत्र' यानी 'अबकी बार ट्रंप सरकार' भी इसी स्ट्रैटजी का हिस्सा था। 12 हजार लोगों की टीम सुबह 5-6 बजे से रात 3-4 बजे तक काम करती थी।

 बता दें, अविनाश अमरीकन स्टेट एरिजोना में ट्रम्प की पार्टी के चीफ कैम्पेनर और कोर टीम के स्ट्रैटजिस्ट हैं। 
अविनाश ने बताया, "नई स्ट्रैटजी में टीम का पूरा फोकस चेंज हो गया था।" "पहले हम ट्रम्प की क्वालिटी और उनके प्रेसिडेंट बनने से अमरीका को होने वाले फायदे को सेल कर रहे थे। सितंबर में बनी नई स्ट्रैटजी में हिलेरी के प्रेसिडेंट बनने से होने वाले नुकसान और उनकी कमियों को वोटर्स के सामने रखने का प्लान बनाया गया।" "इस प्लान पर सुबह 6 बजे से रात 3 बजे तक 20 से 22 घंटे काम किया।"


 


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