सीमा पार से पैदा किए जाने वाले आतंकवाद के खतरों से लडऩे में भारत को पूरा समर्थन :फ्रांस

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Tuesday, November 15, 2016-11:17 PM

नई दिल्ली : फ्रांस ने भारत को सीमा पार से, खासतौर पर पाकिस्तान आधारित हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों द्वारा पैदा किए जाने वाले आतंकवाद के खतरे से निपटने में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया है।  विदेश सचिव एस जयशंकर के साथ अपनी वार्ता में विदेश मामलों के फ्रांसीसी मंत्रालय के महासचिव क्रिश्चन मासेत ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनसीजी) की सदस्यता के लिए भारत की कोशिश में अपने देश के बेशर्त समर्थन को भी दोहराया। यहां तक कि उन्होंने जयशंकर को बताया कि फ्रांस अन्य निर्यात व्यवस्था में शामिल होने के लिए भारत की सहायता करना चाहता है।

मासेत ने राफेल लड़ाकू विमानों पर अंतरसरकारी समझौते के निष्कर्ष को भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में एक बड़ा कदम बताया। इस बारे में उन्होंने कहा कि यह आने वाले दशकों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को काफी बल प्रदान करेगा। उन्होंने जैतापुर में ईपीआर (परमाणु संयंत्रों) बनाने की  फ्रांस-भारत परमाणु परियोजना पर वार्ता में प्रगति का भी स्वागत किया। इस पर जनवरी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा आेलांद के बीच सहमति बनी थी।

फ्रासीसी दूतावास ने एक विज्ञप्ति में बताया कि मासेत ने एनएसजी में भारत के प्रवेश के लिए फ्रांस के बेशर्त समर्थन को दोहराया है। उन्होंने वेसेनार समझौता जैसे अन्य निर्यात नियंत्रण व्यवस्थाआंे में भारत के शामिल होने में सहायता करने की फ्रांस की इच्छा जाहिर की। शीर्ष राजनयिक ने विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात की। 


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