Edited By jyoti choudhary,Updated: 21 Sep, 2026 12:33 PM

उद्योग निकाय एग्रो केम फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसीएफआई) ने रविवार को एक रिपोर्ट में कहा कि सरकार को कृषि रसायन तकनीकी और मध्यवर्ती उत्पादों में देश की आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने तथा चीन के लागत लाभ का मुकाबला करने के लिए 5,000
नई दिल्लीः उद्योग निकाय एग्रो केम फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसीएफआई) ने रविवार को एक रिपोर्ट में कहा कि सरकार को कृषि रसायन तकनीकी और मध्यवर्ती उत्पादों में देश की आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने तथा चीन के लागत लाभ का मुकाबला करने के लिए 5,000 से 7,000 करोड़ रुपए की सहायता योजना लानी चाहिए। परामर्श फर्म केपीएमजी के सहयोग से तैयार की गई इस रिपोर्ट में सात से आठ वर्ष के कार्यक्रम का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें संयंत्र स्थापित करने के लिए दो से तीन वर्ष और उसके बाद उत्पादन सहायता शामिल है।
रिपोर्ट में वृद्धिशील बिक्री पर पांच से आठ प्रतिशत प्रोत्साहन तथा औद्योगिक बिजली और साझा अपशिष्ट उपचार संयंत्रों पर 30 से 40 प्रतिशत सब्सिडी देने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट के अनुसार यह कदम सीधे तौर पर चीन की कम परिचालन लागत का मुकाबला करेगा।
रिपोर्ट में कहा गया कि इस नीतिगत ढांचे में नई और मौजूदा विस्तार परियोजनाओं, दोनों के लिए बड़ी कंपनियों तथा छोटी इकाइयों को शामिल करते हुए निवेश की क्रमिक सीमा तय की जानी चाहिए। इसके अलावा विशेष अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के लिए पूंजीगत अनुदान देने की भी मांग की गई है। रिपोर्ट में जोर दिया गया कि किसी भी नीति का उद्देश्य स्थायी संरक्षण या सब्सिडी पर निर्भरता पैदा करना नहीं होना चाहिए, बल्कि उन संरचनात्मक कमियों को दूर करना होना चाहिए जो प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुंचाती हैं।