Edited By Sanjeev,Updated: 18 Sep, 2026 10:42 AM

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से पाकिस्तान में ईंधन की कमी हो गई है। ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ने के कारण पाकिस्तान ने सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन आधा कर दिया है, विदेश यात्राओं पर रोक लगा दी है और बाजार जल्दी बंद करने का आदेश दिया है। इतना ही...
लाहौर : पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से पाकिस्तान में ईंधन की कमी हो गई है। ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ने के कारण पाकिस्तान ने सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन आधा कर दिया है, विदेश यात्राओं पर रोक लगा दी है और बाजार जल्दी बंद करने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं शादियों में सिर्फ एक डिश परोसने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों और सप्लाई को लेकर चिंताओं के कारण देश के ऊर्जा सिस्टम पर बढ़ते दबाव को देखते हुए पाकिस्तान के कैबिनेट डिवीजन ने 17 सितंबर को इन पाबंदियों की जानकारी दी। इसके तहत वेडिंग हॉल और दूसरे इवेंट वेन्यू को भी रात 10 बजे तक बंद करना होगा। रेस्टोरेंट, कैफे और फूड आउटलेट रात 11 बजे तक बंद करने होंगे, हालांकि टेकअवे और होम-डिलीवरी सेवाओं को इससे छूट दी गई है।
सरकारी खर्च में भी बड़ी कटौती
इस पैकेज में सरकारी खर्च में भी बड़ी कटौती की गई है। सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन का आवंटन तीन महीने के लिए 50% कम कर दिया जाएगा, जबकि फेडरल विभागों पर नई गाड़ियां खरीदने की रोक लगा दी गई है। सरकार ने सूचना-तकनीक (IT) उपकरणों को छोड़कर टिकाऊ सामान खरीदने पर भी रोक लगा दी है और वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान कर्मचारियों से जुड़े खर्चों को छोड़कर बाकी खर्चों में 5% की कटौती का आदेश दिया है।
सशस्त्र बलों, नागरिक सशस्त्र बलों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, जरूरी सेवाओं और फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली ऑपरेशनल गाड़ियों को ईंधन कटौती से छूट दी गई है। यह पाबंदी उनकी प्रशासनिक और नॉन-ऑपरेशनल गाड़ियों पर लागू होगी।
विदेश यात्रा पर रोक
मंत्रियों, सलाहकारों, सांसदों और सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर तीन महीने के लिए रोक लगा दी गई है। स्कॉलरशिप और कुछ ट्रेनिंग प्रोग्राम को इससे छूट दी गई है, जबकि पाकिस्तान के राजनयिक मिशन उन विदेशी कार्यक्रमों में देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं जहां शामिल होना जरूरी माना जाता है। अधिकारियों से कहा गया है कि जहां भी संभव हो, टेलीकॉन्फ़्रेंसिंग का इस्तेमाल करें। सरकार द्वारा फंड किए जाने वाले सेमिनार, कॉन्फ़्रेंस और ट्रेनिंग प्रोग्राम पर भी रोक लगा दी गई है, जबकि सरकारी डिनर पर भी पाबंदी है।