‘युद्धविराम युद्ध समाप्ति में बदलेगा’ दुनिया को राहत, कम होगी महंगाई!

Edited By Updated: 09 Apr, 2026 03:17 AM

ceasefire will turn into end of war  relief to world inflation will decrease

अमरीका और इसराईल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले से खाड़ी देशों में छिड़े भयंकर युद्ध के 40 दिन बाद 7 अप्रैल मध्य रात्रि को 15 दिन के लिए युद्धविराम की घोषणा कर दी गई।

अमरीका और इसराईल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले से खाड़ी देशों में छिड़े भयंकर युद्ध के 40 दिन बाद 7 अप्रैल मध्य रात्रि को 15 दिन के लिए युद्धविराम की घोषणा कर दी गई। इस युद्ध में 5000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और 40,000 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसके अलावा लाखों लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेनी पड़ी। युद्धविराम के लिए दोनों पक्षों में 22 मार्च के बाद से ही बातचीत शुरू हो गई थी लेकिन दोनों ही एक-दूसरे की शर्तें मानने को तैयार नहीं थे। इसी दौरान ‘डोनाल्ड ट्रम्प’ ने ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले की धमकी दे दी।

इसी बीच अमरीकी राष्ट्रपति ‘डोनाल्ड ट्रम्प’ ने 27 मार्च को कहा कि ईरान की सरकार के आग्रह पर अमरीका 6 अप्रैल तक ईरान के बिजली प्लांटों पर हमले को टाल रहा है और 6 अप्रैल को हमले की यह समय सीमा 8 अप्रैल कर दी गई लेकिन यह समय सीमा पूरी होने से पहले दोनों पक्षों में युद्धविराम पर सहमति बन गई। 8 अप्रैल की सुबह ईरान के विदेश मंत्री ‘सैयद अब्बास अरघची’ ने कहा कि ‘‘यदि ईरान के खिलाफ हमले रोक दिए जाते हैं, तो उसकी सशस्त्र सेनाएं अपनी रक्षा के लिए शुरू किए गए अभियान को बंद कर देंगी और ईरान की सेना अमरीका के साथ तालमेल करते हुए अगले दो सप्ताह के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगी।’’ इसके तुरंत बाद ‘डोनाल्ड ट्रम्प’ ने अपने सोशल मीडिया अकाऊंट पर एक पोस्ट में लिखा कि ‘‘यह विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन है, ईरान शांति चाहता है क्योंकि अब वह और हमले बर्दाश्त नहीं कर सकता और ईरान के साथ-साथ हर कोई शांति चाहता है।’’

‘‘अमरीका होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में मदद करेगा और इससे खूब पैसा कमाया जाएगा। अमरीका अब ईरान के पुनॢनर्माण की प्रक्रिया में हर तरह की सामग्री उपलब्ध कराएगा और सब कुछ ठीक तरीके से करने के लिए अमरीकी वहीं मौजूद रहेंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि ऐसा ही होगा और यह मध्य पूर्व का स्वर्ण युग हो सकता है।’’ इसी बीच अमरीका के रक्षा मंत्री ‘पीट हेगसेथ’ ने बुधवार को कहा कि ‘‘अमरीका ने 40 दिनों से भी कम समय में अपनी युद्ध शक्ति के केवल 10 प्रतिशत का उपयोग करके, दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक ईरान की सेना को नष्ट कर दिया। उन्होंने दावा किया कि ईरान खुद का बचाव करने में असमर्थ साबित हुआ है।’’

दूसरी तरफ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशिकयन ने कहा कि ‘‘अमरीका के साथ हुए युद्धविराम समझौते में ईरान द्वारा सुझाए गए सामान्य सिद्धांतों को स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि युद्ध विराम पूर्व सर्वोच्च नेता ‘अली खामेनेई’ के बलिदान का परिणाम है, जो युद्ध के पहले दिन अमरीकी-इसराईली हमलों में मारे गए थे। आज से हम एकजुट होकर खड़े रहेंगे।’’ इसी बीच रूस, चीन, भारत सहित मिडल ईस्ट और दुनिया के अन्य देशों ने भी इस युद्धविराम का स्वागत किया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष ‘मोहम्मद बाघर गालिबफ’ और अमरीका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस इस मामले में आगे की बातचीत के लिए शुक्रवार को इस्लामाबाद में मिल सकते हैं। ईरान के प्रस्ताव में उसके परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा के अलावा उस पर 45 साल पहले लगाए गए अमरीकी प्रतिबंध हटाना भी शामिल है।

युद्धविराम से पूरी दुनिया में बढ़ रही महंगाई पर लगाम लगेगी और एल.पी.जी. की आपूर्ति भी सामान्य होने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही युद्ध में लोगों के हो रहे जानी-माली नुकसान पर भी रोक लगेगी। दुनिया में कहीं भी जंग हो उसमें आम जनता ही पिसती है। ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि दोनों पक्षों के मध्य आगे की बातचीत के भी अच्छे नतीजे निकलेंगे और यह युद्ध पूर्ण रूप से समाप्त हो इसी में सभी देशों की भलाई है।—विजय कुमार 

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