Shani Vakri 2026: सावधान! 27 जुलाई से शनि देव चलेंगे उल्टी चाल, इन 3 राशियों को रहना होगा सतर्क

Edited By Updated: 30 May, 2026 09:05 AM

shani vakri 2026

Shani Vakri 2026: शनि देव 27 जुलाई से मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं। जानें मेष, कुंभ और मीन राशि पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा और बचने के ज्योतिषीय उपाय।

Shani Vakri 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि की हर चाल 12 राशियों के जातकों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आती है। पंचांग के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को शनि देव मीन राशि में वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं और 11 दिसंबर 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे। शनि की यह टेढ़ी नजर 12 में से 3 विशेष राशि वालों के लिए भारी संकट पैदा कर सकती है। आइए जानते हैं किन राशियों को साल के अंत तक संभलकर रहना होगा।

PunjabKesari Shani Vakri

इन 3 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
मेष राशि Aries:
शनि की वक्री चाल जीवन में इम्तिहान का दौर लेकर आएगी। स्वास्थ्य गड़बड़ा जाएगा। दिमाग फ़ालतू के विचारों से भरेगा। आर्थिक पक्ष को मजबूत करने की जी तोड़ कोशिश करनी होगी। उधार देने से बचें, पैसा फंसेगा। नौकरी में संभलकर चलें, धैर्य से काम लें। बेवजह की बहस से बचें।

कुंभ राशि Aquarius: बहुत सारी चुनौतियों और मुश्किलों से सामना होगा। सहकर्मियों से गलतफहमियां बढ़ेंगी। कम बोलें व काम से काम रखें। आर्थिक पक्ष कमजोर रहेगा। बिना योजना के धन खर्च न करें। अनचाही यात्रा के योग बनेंगे।  

मीन राशि Pisces: दुविधा वश मुनाफे में अड़चनें आएंगी। बिजनैस डील फाइनलाईज न करें। नौकरी में कार्य बदलता हुआ नजर आएगा। ऑफिस में विरोधी षड़यंत्र करेंगे। करीबी रिश्तेदारों से संबंध बिगड़ेंगे। बाहर खाने से बचें बदहजमी के योग हैं। बुजुर्गों के कारण चिंतित रहेंगे। 

शनि के प्रकोप से बचने के अचूक उपाय
यदि आपकी राशि ऊपर दी गई तीन राशियों में से एक है, तो घबराएं नहीं। शनि देव को प्रसन्न करने के लिए ये सरल उपाय करें:

शनि कृपा पाने का सबसे सरल माध्यम है हनुमान जी की पूजा। हनुमान जी उन सात पवित्र देवताओं में से एक हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि वे आज भी पृथ्वी पर मौजूद हैं। कार्यों में सिद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्री हनुमान जी की पूजा अति फलदायी है।

PunjabKesari Shani Vakri

शनिदेव के इन मंत्रो को जाप करें- 

क्षमायाचना शनि मंत्र
आपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेहर्निशं मया। 
दासोयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर।।
गतं पापं गतं दुःखं गतं दारिद्र्य मेव च आगता: 
सुख संपत्ति पुण्योहम तव दर्शनात ।।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए शनि मंत्र
ध्वजिनी धामिनी चैव कंकाली कलाहपरिहा।
कंकटी कलही चाउथ तुरंगी महिषी अजा। 
शनैनार्मनि पत्नीनामेतानि संजपन पुमान। 
दुखानि नाश्येनितम्म सौभगयमेधतेे सुखमं।।

शनि देव की आराधना
शनि देव की आराधना करने के लिए अलग मंत्र है। जब आप शनि पूजा कर रहे हैं तब आपको इस मंत्र के साथ उन्हें चंदन लेपते हुए इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। 

भो शनिदेव: चन्दनम दिव्यं गंधादय सुमनोहरम। विलेपन छायात्मज: चन्दनम प्रति गृह्यन्ताम।।

PunjabKesari Shani Vakri

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 

 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!