‘बसों में आग लगने की घटनाएं’ बन रहीं यात्रियों की जान की दुश्मन!

Edited By Updated: 24 May, 2026 03:29 AM

incidents of fire in buses  are becoming a threat to the lives of passengers

अब तक तो रेलगाडिय़ों में ही आग लगने की घटनाएं सुनने में आती थीं, परन्तु पिछले कुछ समय से यात्री बसों में भी इस तरह की घटनाओं में वृद्धि देखने में आ रही है, जिससे यात्रियों के प्राण जोखिम में पड़ रहे हैं। इनकी पिछले 3 महीनों में सामने आई घटनाएं निम्न...

अब तक तो रेलगाडिय़ों में ही आग लगने की घटनाएं सुनने में आती थीं, परन्तु पिछले कुछ समय से यात्री बसों में भी इस तरह की घटनाओं में वृद्धि देखने में आ रही है, जिससे यात्रियों के प्राण जोखिम में पड़ रहे हैं। इनकी पिछले 3 महीनों में सामने आई घटनाएं निम्न में दर्ज हैं : 

* 17 फरवरी को ‘ओट्टïापलम’ (केरल) में ‘पलाकड़-गुरुवयूर’ रूट पर चलती बस में अचानक आग लग गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से आपातकालीन खिड़की तोड़कर 35 यात्रियों को बाहर निकाला गया।
* 5 मार्च को ‘नई दिल्ली’ में दिल्ली परिवहन निगम की एक बस में रास्ते में चलते हुए आग लग गई। ड्राइवर ने हाजिर दिमागी से काम लेते हुए सभी 15 यात्रियों को सुरक्षित बस से निकाल लिया। 
* 13 मार्च को ‘जैसलमेर’ (राजस्थान) से ‘अहमदाबाद’ (गुजरात) जा रही टूरिस्ट बस एयरकंडीशनर में शार्ट सॢकट होने के परिणामस्वरूप आग की चपेट में आ गई। बस में सवार 16 यात्रियों में से कई ने खिड़कियों से कूद कर अपनी जान बचाई लेकिन एक यात्री की गंभीर रूप से झुलस जाने के कारण मौत हो गई। 

* 26 मार्च को ‘मारकापुरम’ (आंध्र प्रदेश) में एक ट्रैवल एजैंसी की बस में आग लग जाने से 13 यात्रियों की जिंदा जल कर मौत हो गई।
* 17 अप्रैल को ‘यादगिर’ (कर्नाटक) जिले के सुरपुरा में एक कार तथा प्राइवेट बस में टक्कर के परिणामस्वरूप दोनों वाहनों में आग लग जाने से 6 लोगों की मौत हो गई।
* 11 मई को ‘इंदौर’ (मध्य प्रदेश) में एक डिपो में खड़ी बसों में अचानक आग लग गई जिसने देखते ही देखते 5 बसों को अपनी चपेट में ले लिया। 
* 16 मई को ‘शाजापुर’ (मध्य प्रदेश) में आगरा-मुम्बई नैशनल हाईवे पर एक इंटरसिटी ए.सी. बस में शार्ट सॢकट के कारण भीषण आग लग जाने से एक 4 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।
* 18 मई को ‘अमेठी’ (उत्तर प्रदेश) में ‘अयोध्या-प्रयागराज हाईवे’ पर चलती बस में एकाएक भीषण आग लग गई। ड्राइवर ने खतरा भांपते ही बस को रोक कर यात्रियों को सुरक्षित उतार दिया जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई और देखते ही देखते बस राख के ढेर में तबदील हो गई।

* और अब 22 मई को ‘फिरोजाबाद’ (उत्तर प्रदेश) के ‘शिकोहाबाद’ से ‘गुरुग्राम’ जा रही एक प्राइवेट डबल डैकर स्लीपर बस में शार्ट सॢकट के कारण आग लग जाने से चालक सहित 2 लोग जिंदा जल गए तथा 20 यात्री बुरी तरह झुलस गए। जानकारों के अनुसार बसों का इंटीरियर सीलिंग फोम और जल्द आग पकडऩे वाले रैक्सिन से बना होने और इसके बीच ही तारों के जाल बिछे होने के कारण कोई भी इलैक्ट्रिक गड़बड़ी होने पर या शार्ट सॢकट जैसी स्थिति में छोटी सी ङ्क्षचगारी भी बड़ी आग में बदल जाती है। बसों के अंदर अधिक यात्रियों के बैठने की जगह बनाने के चक्कर में क्षमता से अधिक सीटें बना दी जाती हैं जिससे आने-जाने का गलियारा संकरा हो जाता है और ऐसे में बसों में आग लगने पर बाहर निकलने में बाधा आती है। कई बार ए.सी. बसों में शार्ट सॢकट या सैंट्रल ए.सी. सिस्टम की खराबी के कारण भी आग लग जाती है। 

संंबंधित प्रशासन द्वारा सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करने, ट्रांसपोर्ट आप्रेटरों द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन और सही ढंग से रख-रखाव न करने के कारण इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं। ए.सी. बसों में अक्सर खराब या घटिया वायरिंग की समस्या देखी जाती है। खराब कूङ्क्षलग सिस्टम या रेडिएटर में रिसाव के कारण इंजन अधिक गर्म हो जाने से आसपास के प्लास्टिक या तेल में आग लग सकती है। अत: बस आप्रेटरों को बसों के रख-रखाव की ओर अधिक ध्यान देने की जरूरत है ताकि यात्रियों के प्राण संकट में न पड़ें।—विजय कुमार

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