‘अब नशे और हथियारों की तस्करी के लिए’ होने लगा नाबालिगों का इस्तेमाल!

Edited By Updated: 22 Mar, 2026 04:22 AM

minors are now being used for drug and arms trafficking

देश के ओर-छोर में समाज विरोधी तत्वों ने नशों तथा हथियारों की तस्करी के लिए नाबालिगों का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया है और यह रुझान तेजी से बढ़ रहा है जो पिछले लगभग 6 महीनों की निम्न घटनाओं से स्पष्ट है :

देश के ओर-छोर में समाज विरोधी तत्वों ने नशों तथा हथियारों की तस्करी के लिए नाबालिगों का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया है और यह रुझान तेजी से बढ़ रहा है जो पिछले लगभग 6 महीनों की निम्न घटनाओं से स्पष्ट है :

* 02 अक्तूबर, 2025 को ‘तरनतारन’ और ‘अमृतसर’ (पंजाब) के निकट सीमा पार से हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में एक 16 वर्षीय नाबालिग सहित 5 लोगों को गिरफ्तार करके पुलिस ने उनके कब्जे से 12 पिस्तौलें और 1.5 किलो हैरोइन बरामद की। 
* 10 जनवरी, 2026 को नशों के विरुद्ध अभियान चलाने वाली ‘हैदराबाद’ (तेलंगाना) पुलिस की ‘ईगल फोर्स’ ने रेलवे स्टेशन पर एक 17 वर्षीय नाबालिग को पकड़ कर उससे 5 लाख रुपए मूल्य का 10 किलो गांजा बरामद किया जिसे वह बेचने के लिए मुम्बई ले जाने की फिराक में था।

* 5 फरवरी, 2026 को ‘बनकटा’ (बिहार) के एकडंगा गांव के पास एक किशोर को 17 लीटर शराब के साथ हिरासत में लिया गया। 
* 20 फरवरी, 2026 को ‘चेन्नई’ (तमिलनाडु) की पुलिस ने ‘दिनेश काॢतक’ तथा ‘मनी’ नामक 2 नाबालिगों को चेन्नई में बिक्री के लिए ओडिशा से लाई गई 5 लाख रुपए मूल्य की 2548 नशीली गोलियों तथा 2 किलो गांजे के साथ हिरासत में लिया।
* 6 मार्च, 2026 को पंजाब पुलिस ने अमृतसर में सीमा पार से हथियार तस्करी नैटवर्क का भंडाफोड़ करके एक 16 वर्षीय नाबालिग सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 5 अत्याधुनिक पिस्तौल, 34 कारतूस और एक तेजधार हथियार बरामद किया। 
* 17 मार्च, 2026 को ‘न्यू जलपाईगुड़ी’ (पश्चिम बंगाल) की पुलिस ने अवैध हथियारों के विरुद्ध अभियान के दौरान ‘राजीव लस्कर’ तथा ‘सनत बर्मन’ नामक 2 नाबालिगों को एक देसी पिस्तौल तथा कारतूसों के साथ हिरासत में लिया।
* 18 मार्च, 2026 को ‘विजयवाड़ा’ (आंध्र प्रदेश) में पुलिस की ‘स्पैशल टास्क फोर्स’ (एस.टी.एफ.) ने 4 नाबालिगों को गिरफ्तार करके उनसे बड़ी मात्रा में सिंथैटिक नशा बरामद किया। पुलिस के अनुसार आरोपी स्वयं भी नशे के आदी थे तथा उन्होंने धन कमाने के आसान तरीके के रूप में नशे की तस्करी भी शुरू कर दी थी।

* 19 मार्च, 2026 को अमृतसर पुलिस ने एक अंतर्राष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए एक नाबालिग सहित 6 लोगों को पकड़ा। इनके पास से 7 अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद हुईं। यह गिरोह पुर्तगाल में बैठे हैंडलर के संपर्क में था और पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगवाता था।
* 21 मार्च, 2026 को मणिपुर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में प्रतिबंधित संगठन ‘के.सी.पी.’ के एक नाबालिग सदस्य सहित 6 संदिग्धों को एक ए.के. 47 राइफल (2 मैगजीनों सहित), एक 9 मि.मी. कार्बाइन मशीनगन (सी.एम.जी.), 2 ग्रेनेड डेटोनेटर, विभिन्न हथियारों की अतिरिक्त मैगजीनों, 2 ग्रेनेड तथा 194 राऊंड गोलियों के साथ गिरफ्तार किया।

नाबालिगों का ड्रग तस्करी में इस्तेमाल एक गंभीर अपराध है। इससे न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि देश की नई पीढ़ी का भविष्य भी बर्बाद होता है तथा उक्त मामलों में नाबालिगों की गिरफ्तारी ने ड्रग माफिया की नई रणनीति को उजागर कर दिया है। पुलिस की नजरों से बचने के लिए नशा और हथियार माफिया नाबालिगों को मोहरा बना रहे हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 12 फरवरी, 2026 को नशे की तस्करी में एक बच्चे के इस्तेमाल की आरोपी महिला की जमानत याचिका रद्द करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी कि,‘‘नाबालिग बच्चों को अपराध के ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल करना एक बढ़ती हुई खतरनाक समस्या बन गई है।’’ अत: पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में चौकसी बढ़ाने तथा पकड़े जाने वाले नाबालिगों व उनके आकाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि इस बुराई पर रोक लग सके। —विजय कुमार 

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