Edited By Parveen Kumar,Updated: 14 May, 2026 07:41 PM

दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया है। यह मामला दिल्ली शराब नीति केस की सुनवाई के दौरान सामने आया।
नेशनल डेस्क : दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया है। यह मामला दिल्ली शराब नीति केस की सुनवाई के दौरान सामने आया।
सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक और बदनाम करने वाली सामग्री पोस्ट की गई। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसलों को गलत तरीके से पेश किया गया और कोर्ट रूम के वीडियो को एडिट करके सोशल मीडिया पर फैलाया गया।
जज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट के जरिए अदालत को पत्र लिखा और वीडियो जारी किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर अदालत के खिलाफ एक अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि अदालत के अंदर मामले की सुनवाई चल रही थी, जबकि बाहर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अदालत के खिलाफ समानांतर नैरेटिव तैयार किया जा रहा था।
जस्टिस शर्मा ने कहा कि वायरल किए गए कई वीडियो एडिटेड थे और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक यह सिर्फ एक व्यक्तिगत हमला नहीं था, बल्कि न्यायपालिका की संस्था को कमजोर करने की कोशिश थी।
उन्होंने कहा, “किसी झूठ को बार-बार बोलने से वह सच नहीं बन जाता। मेरे चुप रहने को मेरी कमजोरी समझा गया। जब किसी संस्था को कटघरे में खड़ा किया जाता है, तब अदालत का कर्तव्य होता है कि वह ऐसे आरोपों से प्रभावित हुए बिना न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाए।”