भारत आए ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा ऐलान: होर्मुज रास्ता सभी जहाजों के लिए खुला, अमेरिकी नाकेबंदी भी जल्द खत्म होगी

Edited By Updated: 14 May, 2026 03:07 PM

strait of hormuz open to all commercial ships but must cooperate with our navy

ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला है, लेकिन जहाजों को ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करना होगा। उन्होंने अमेरिका पर “अवैध नाकेबंदी” का आरोप लगाते हुए कहा कि समुद्री तनाव के लिए...

International Desk: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच ईरान ने बड़ा बयान दिया है। ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला है, लेकिन वहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करना होगा। नई दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले ‘प्रेस टीवी’ को दिए इंटरव्यू में अराघची ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि असली बाधा ईरान नहीं बल्कि अमेरिका की “गैरकानूनी नाकेबंदी” है।  अराघची ने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य इस समय अमेरिकी आक्रामकता और उसके द्वारा लगाए गए अवैध प्रतिबंधों से सबसे ज्यादा प्रभावित है।”

 

उन्होंने आगे कहा, “हमारे नजरिए से होर्मुज जलडमरूमध्य सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला है, लेकिन उन्हें हमारी नौसेना के साथ सहयोग करना होगा।” अराघची ने दावा किया कि ईरान ने समुद्री यातायात में कोई रुकावट पैदा नहीं की है।  उन्होंने कहा, “हमने कोई अवरोध नहीं बनाया। यह अमेरिका है जिसने नाकेबंदी की स्थिति पैदा की है। हमें उम्मीद है कि यह अवैध अमेरिकी नाकेबंदी जल्द खत्म होगी।”होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। यह ईरान और ओमान के बीच स्थित है और वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का बड़ा प्रतिशत इसी जलमार्ग से होकर जाता है। इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करता है। 

 

ईरान लगातार आरोप लगा रहा है कि अमेरिका ने उसके बंदरगाहों और समुद्री गतिविधियों पर दबाव बनाकर क्षेत्र में अस्थिरता पैदा की है। अराघची ने कहा कि अमेरिका की नीतियों की वजह से ही समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर क्षेत्र में शांति बहाल होती है तो होर्मुज की स्थिति पहले से ज्यादा सुरक्षित और स्थिर हो सकती है। इससे पहले ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने भी कहा था कि क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा स्थिति बेहतर हो जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर काम करेगा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। साथ ही उन्होंने अमेरिका पर “गंभीर कूटनीति” में शामिल न होने का आरोप लगाया। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल के दिनों में तेल टैंकरों, समुद्री मार्गों और बंदरगाहों को लेकर कई सुरक्षा अलर्ट जारी हुए हैं। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों, एशियाई अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।
 

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