Edited By Anu Malhotra,Updated: 14 May, 2026 03:28 PM

भारत निर्वाचन आयोग ने Special Intensive Revision (SIR) के तीसरे चरण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची की जांच की जाएगी। राजधानी दिल्ली भी इस प्रक्रिया में शामिल है, जहां अंतिम मतदाता सूची...
नेशनल डेस्क: भारत निर्वाचन आयोग ने Special Intensive Revision (SIR) के तीसरे चरण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची की जांच की जाएगी। राजधानी दिल्ली भी इस प्रक्रिया में शामिल है, जहां अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी।
तीसरे चरण के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर लगभग पूरे देश में SIR प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। चुनाव आयोग ने कहा है कि इन तीनों क्षेत्रों में बर्फबारी और मौसम की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए बाद में अलग से कार्यक्रम तय किया जाएगा।
किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR?
तीसरे चरण में जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है, उनमें ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, नागालैंड और त्रिपुरा शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों में दमन-दीव और चंडीगढ़ जैसे केंद्र शासित प्रदेश भी इस अभियान का हिस्सा होंगे।
घर-घर जाकर होगा वेरिफिकेशन
चुनाव आयोग के अनुसार इस चरण में करीब 3.94 लाख Booth Level Officers (BLOs) मतदाताओं के घर जाकर जानकारी की पुष्टि करेंगे। लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। मतदाताओं से Enumeration Form भरवाए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सूची में केवल योग्य नागरिकों के नाम ही बने रहें।
पहले दो चरणों में क्या हुआ?
SIR के पहले दो चरणों में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया गया था। इस दौरान लगभग 59 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया गया। पूरी प्रक्रिया में 6.3 लाख से अधिक BLOs और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त करीब 9.2 लाख Booth Level Agents (BLAs) शामिल रहे।
बिहार, यूपी और बंगाल सबसे ज्यादा चर्चा में
SIR का पहला चरण बिहार में जून से सितंबर 2025 के बीच चला था। जांच के बाद राज्य में करीब 47 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, जो कुल वोटरों का लगभग 5 से 6 प्रतिशत माना गया। बता दें कि दूसरे चरण की शुरुआत 27 अक्टूबर 2025 से हुई थी, जिसमें उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई बड़े राज्य शामिल थे।
-उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा लगभग 2.04 करोड़ नाम हटाए गए
-पश्चिम बंगाल में करीब 83.86 लाख मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए
वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी मतदाता SIR के तीसरे चरण में एक्टिवली भागीदारी करें और समय पर अपने फॉर्म जमा करें।