Edited By ,Updated: 10 Mar, 2026 04:11 AM

आजकल लोग कारोबार और सैर-सपाटे आदि के दौरान समय बचाने के लिए बसों एवं रेलगाडिय़ों की बजाय विमान यात्राओं को अधिमान देने लगे हैं। इसी कारण विमान सेवाओं में वृद्धि के अलावा नए-नए हवाई अड्डïे भी बनने लगे हैं।
आजकल लोग कारोबार और सैर-सपाटे आदि के दौरान समय बचाने के लिए बसों एवं रेलगाडिय़ों की बजाय विमान यात्राओं को अधिमान देने लगे हैं। इसी कारण विमान सेवाओं में वृद्धि के अलावा नए-नए हवाई अड्डïे भी बनने लगे हैं।
इसके साथ ही विमानों के रख-रखाव में त्रुटियों और तकनीकी खामियों के चलते दुर्घटनाओं तथा इनके कारण होने वाली मौतों के मामले भी सामने आने से विमान यात्रा की सुविधा यात्रियों की जान के लिए खतरा भी बनने लगी है। विमान दुर्घटनाओं और विमानों में तकनीकी खामियों की पिछले 2 महीनों की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 28 जनवरी, 2026 को ‘बारामती’ (महाराष्ट्र) के हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने और उसमें आग लगने से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ‘अजीत दादा पवार’ तथा विमान में सवार 4 अन्य लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
* 28 जनवरी को ही ‘जयपुर’ (राजस्थान) के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ‘दिल्ली’ तथा ‘देहरादून’ से आए 2 विमानों में लैंडिंग के दौरान असाधारण हलचल होने पर दोनों विमानों के यात्रियों की जान सांसत में आ गई और चालकों को प्रथम प्रयास में विमान उतारने का विचार त्यागना पड़ा।
* 29 जनवरी को ‘बोगोटा’ (कोलंबिया) में ‘नार्टे डी सैटेंडर’ प्रांत के ग्रामीण इलाके में सरकारी विमानन कम्पनी ‘स्टेना’ के एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार सभी 15 लोगों की मौत हो गई।
* 29 जनवरी को ही ‘बैंकाक’ (थाईलैंड) के शहर ‘चियांगमाई’ में ट्रेनिंग मिशन के दौरान अमरीका निर्मित वायु सेना के एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से 2 पायलटों की मौत हो गई।
* 2 फरवरी को ‘लंदन’ के ‘हीथ्रो’ हवाई अड्डे से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के बोइंग 787-88 ड्रीमलाइनर विमान का इंजन स्टार्ट करने के दौरान इसके ‘फ्यूल कंट्रोल स्विच’ में 2 बार कट ऑफ होने की समस्या पेश आई। इसके बाद फ्लाइट रद्द कर दी गई।
* 3 फरवरी को ‘मुम्बई’ (महाराष्ट्र) के ‘छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे’ पर ‘एयर इंडिया’ तथा ‘इंडिगो’ के विमानों के पंखों के छोर (विंग टिप) आपस में टकरा गए। एक विमान टैक्सी वे पर खड़ा था जबकि दूसरा विमान लैंङ्क्षडग के बाद आगे बढ़ रहा था।
* 3 फरवरी को ही ‘छत्रपति संभाजी नगर’ (महाराष्ट्र) में जिला परिषद चुनाव के लिए प्रचार करने जा रही महा राष्ट्र की मंत्री ‘पंकजा मुंडे’ को ले जाने वाले हैलीकाप्टर में उड़ान भरने से कुछ ही समय पहले तकनीकी खराबी का पता चल जाने से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
* 4 फरवरी को काठमांडू (नेपाल) से इस्तांबुल (तुर्की) जा रहे ‘टर्किश एयरलाइंस’ के विमान के दाहिने इंजन में आग लग जाने के बाद उसकी कोलकाता हवाई अड्डे’ पर एमरजैंसी लैंडिंग करवानी पड़ी।
* 5 फरवरी को ‘जयपुर’ (राजस्थान) अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ‘मुम्बई’ से आए ‘एयर इंडिया’ के विमान को उतरते समय तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा तथा पायलट ने दूसरे प्रयास में लैंडिंग करवाई।
* 5 फरवरी को ही ‘फ्लैगस्टाफ’ (अमरीका) में एरिजोना वन सुरक्षा विभाग का एक हैलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हो जाने के कारण उसमें सवार एक पायलट तथा एक सैनिक की मृत्यु हो गई।
* 6 मार्च, 2026 को ‘असम’ के ‘कार्बी आंगलोंग’ जिले में भारतीय वायुसेना के एक सुखोई एम.के.-1 लड़ाकू विमान के प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से विमान में सवार दोनों पायलटों की मृत्यु हो गई।
उक्त घटनाएं प्रमाण हैं कि जैसे-जैसे विश्व में विमान यात्रियों और विमानन कंपनियों द्वारा उड़ानें बढ़ाई जा रही हैं, उसी अनुपात में विमानों में तकनीकी खामियों के कारण विमान यात्राएं असुरक्षित होने लगी हैं।
अभी 7 फरवरी, 2026 को ही नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में बताया कि आसमान में उडऩे वाला हर भारतीय विमान तकनीकी रूप से फिट नहीं है। अत: विमान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विमानों के परिचालन तथा रख-रखाव में और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।—विजय कुमार