रूसी विदेश मंत्री ने की PM मोदी की खुलकर तारीफ, कहा-“वह दुनिया के सबसे जीवंत नेताओं में एक, भारत की तेल सप्लाई नहीं रुकेगी”

Edited By Updated: 13 May, 2026 06:43 PM

russian fm lavrov says india s interests in energy supply will not be affected

सर्गेई लावरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के सबसे ऊर्जावान नेताओं में बताया। उन्होंने कहा कि रूस हर हाल में भारत की ऊर्जा जरूरतें पूरी करता रहेगा और पश्चिमी दबाव के बावजूद भारत-रूस संबंध मजबूत बने रहेंगे।

International Desk: नई दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  (Narendra Modi) की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी दुनिया के सबसे जीवंत और ऊर्जावान नेताओं में से एक हैं, जो अपनी ऊर्जा को भारत के विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में लगा रहे हैं। लावरोव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी केवल आर्थिक और सैन्य क्षेत्रों पर ही ध्यान नहीं देते, बल्कि भारत की हजारों साल पुरानी सभ्यतागत पहचान को भी मजबूत करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसी सांस्कृतिक विरासत दुनिया के बहुत कम देशों के पास है।

 

रूसी विदेश मंत्री ने भारत-रूस संबंधों को बेहद मजबूत बताते हुए कहा कि जो लोग दोनों देशों की दोस्ती के भविष्य को लेकर चिंता जता रहे हैं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वैश्विक ताकतें भारत और रूस के रिश्तों को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उनके प्रयास सफल नहीं होंगे। भारत को रूसी तेल आपूर्ति पर बोलते हुए लावरोव ने कहा कि रूस हर हाल में भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा रूसी तेल खरीद में आई कमी का कारण भारत नहीं, बल्कि अमेरिका और पश्चिमी देशों के “गैर-कानूनी” प्रतिबंध हैं।

 

लावरोव ने भरोसा दिलाया कि रूस यह सुनिश्चित करेगा कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का असर भारत और रूस के ऊर्जा सहयोग पर न पड़े। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा और रक्षा सहयोग आने वाले समय में और मजबूत होगा।  रूस के विदेश मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि भारत की आजादी के बाद कई पश्चिमी देशों ने भारत के सैन्य विकास में सहयोग देने से इनकार कर दिया था, जबकि रूस ने भारत को हथियार देने के साथ-साथ तकनीक भी साझा की। यह बयान ऐसे समय आया है जब नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है और वैश्विक राजनीति में भारत-रूस संबंधों पर दुनिया की नजर बनी हुई है।

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