Edited By ,Updated: 27 Aug, 2026 03:05 AM

केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा अपराधों पर रोक लगाने के प्रयासों के बावजूद देश में अपराधी तत्वों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब तो इन्होंने हथियारों की अन्य वस्तुओं की भांति होम डिलीवरी भी शुरू कर दी है जिसकी सामने आई चंद घटनाएं निम्न में...
केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा अपराधों पर रोक लगाने के प्रयासों के बावजूद देश में अपराधी तत्वों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब तो इन्होंने हथियारों की अन्य वस्तुओं की भांति होम डिलीवरी भी शुरू कर दी है जिसकी सामने आई चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 26 मार्च, 2025 को हरियाणा पुलिस की सी.आई.ए.-2 यूनिट ने अवैध हथियारों के सौदागरों के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई में ‘अम्बाला’ निवासी सचिन, जिसकी काफी समय से पुलिस को तलाश थी, को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह यमुनानगर में किसी ग्राहक को 4 पिस्टल, 1 रिवाल्वर, 2 मैगजीन और 51 जिंदा कारतूसों की डिलीवरी देने आया था।
* 7 जून, 2025 को ‘मुजफ्फरनगर’ (उत्तर प्रदेश) में पुलिस ने ‘मेरठ’ (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले ‘सुधांशु’ नामक एक युवक को दर्जनों गोलियों और 10 तमंचों के साथ गिरफ्तार किया। वह एक प्रसिद्ध ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफार्म के साथ काम करने की आड़ में फूड बॉक्स में खाना नहीं बल्कि हथियार रख कर उनकी सप्लाई करता था।
इस गिरोह में शामिल 6 तस्कर अभी फरार हैं। यह गिरोह दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में अपराधियों को वारदातों के लिए अवैध हथियार उपलब्ध करवाता था।
* 18 फरवरी, 2026 को दिल्ली पुलिस ने ऑनलाइन ग्रोसरी सेवा देने वाली एक कंपनी के विरुद्ध बटन दबाते ही खुलने वाले प्रतिबंधित चाकू (स्विचब्लेड) बेचने के आरोप में केस दर्ज किया। आरोप है कि इन्हीं में से कुछ चाकुओं का इस्तेमाल कुछ हत्याओं में किया गया था।
ऐसे हथियारों की खुली बिक्री आम्र्स एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन मानी जाती है। आरोप है कि उक्त फर्म द्वारा इन चाकुओं को सामान्य किचन टूल्स की तरह सूचीबद्ध (नोटीफाई) करके डिलीवर किया जा रहा था।
विधि विशेषज्ञों के अनुसार ई-कॉमर्स प्लेटफाम्र्स पर कोई भी उत्पाद बिक्री के लिए नोटीफाई करते समय उसकी सख्त वैरीफिकेशन होनी चाहिए तथा बिना उचित वैरीफिकेशन के प्रतिबंधित वस्तुओं की बिक्री गंभीर लापरवाही मानी जा सकती है।
* 6 मई, 2026 को ‘पुणे’ में पुलिस ने ‘अजहरुद्दीन सुतार’, ‘वैभव अशोक शेटे’, ‘सौरव धनंजय जाधव’ और ‘अक्षय अशोक कांबले’ नामक 4 लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से लगभग 8 लाख रुपए मूल्य के 9 पिस्तौल, 46 कारतूस व 5 मैगजीन सहित भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए।
चूंकि ये सभी आरोपी आम तौर पर कोरियर ब्वॉय, डिलीवरी ब्वॉय और ड्राइवर के रूप में काम करने के साथ-साथ हथियारों की डिलीवरी भी करते थे, इसलिए इन पर किसी को आसानी से शक नहीं होता।
* 19 जून, 2026 को ‘मेहम’ (हरियाणा) सी.आई.ए. पुलिस ने जनता कालोनी निवासी बी.कॉम प्रथम वर्ष के ‘कृत’ नामक 20 वर्षीय छात्र को गिरफ्तार किया। ‘कृत’ विदेश में बैठे हैंडलर के इशारे पर हथियार इधर से उधर करने का काम करता था तथा 20 से अधिक हथियार डिलीवर कर चुका था। पुलिस ने आरोपी के पास से ‘मेड इन चाइना’ रिवाल्वर सहित 2 हथियार एवं 8 कारतूस बरामद किए।
* 13 जुलाई, 2026 को ‘पटियाला’ (पंजाब) में पुलिस ने विभिन्न ऑनलाइन सामान सप्लाई करने वाली कम्पनियों की वर्दी पहन कर और ई-कामर्स डिलीवरी ब्वाय बन कर हथियार सप्लाई करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार करके उनके पास से मध्य प्रदेश से लाए गए 15 अवैध पिस्तौल तथा 30 सेे अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
गिरोह के सदस्य हथियारों को पुराने कार्टनों और बक्सों में पैक करके उनके ठिकाने पर पहुंचाते थे ताकि वे असली पार्सल लगें। इसी कारण पुलिस या अन्य लोगों को उन पर शक नहीं होता था। उक्त घटनाओं से एक बार फिर इस तथ्य की पुष्टिï होती है कि भोले-भाले दिखने वाले लोग भी खतरनाक हो सकते हैं। स्पष्टï है कि समाज विरोधी तत्व नए-नए तरीकों से देश में तबाही मचाने पर आमादा हैं। अत: ऐसे देशद्रोहियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करने के साथ-साथ पुलिस को चौकसी और बढ़ाने की जरूरत है ताकि इनके मंसूबों को नाकाम किया जा सके।-विजय कुमार