Edited By Sarita Thapa,Updated: 27 Aug, 2026 02:10 PM

अमरनाथ यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव की और प्रस्तान कर चुकी है। इस साल 3 जुलाई को शुरू हुई 57 दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण के तहत देवों के देव भगवान शिव की पवित्र छड़ी मुबारक पारंपरिक मार्ग से होते हुए पवित्र गुफा की ओर बढ़ गई है।
Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव की और प्रस्तान कर चुकी है। इस साल 3 जुलाई को शुरू हुई 57 दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण के तहत देवों के देव भगवान शिव की पवित्र छड़ी मुबारक पारंपरिक मार्ग से होते हुए पवित्र गुफा की ओर बढ़ गई है। 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा के पावन अवसर पर पवित्र छड़ी मुबाकर अमरनाथ पहुंचेगी और इस दिन ही गुफा की विशेष पूजा-अर्चना के साथ बाबा बर्फानी के अंतिम दर्शन होंगे। 28 अगस्त को मुख्य पूजा संपन्न होने के साथ ही पवित्र गुफा के कपाट आगामी वर्ष के लिए औपचारिक रूप से बंद कर दिए जाएंगे।
छड़ी मुबारक की वापसी और पारंपरिक रस्मों के पूरा होने के बाद 30 अगस्त को यात्रा का पूर्ण औपचारिक समापन माना जाएगा। 22 अगस्त को श्रीनगर से रवाना हुई पवित्र छड़ी मुबारक पहलगाम, चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी जैसे प्रमुख पड़ावों से गुजरते हुए 28 अगस्त को गुफा में स्थापित की जाएगी। माना जा रहा है कि ट्रैक मरम्मत और मौसम के रुख को देखते हुए आम श्रद्धालुओं की यात्रा अगस्त के मध्य में ही सीमित कर दी गई थी, परंतु धार्मिक परंपरा के अनुसार छड़ी मुबारक की यात्रा अपने तय समय पर विधि-विधान से पूरी की जा रही है।
वहीं, 30 अगस्त को पहलगाम में अंतिम पूजा और पारंपरिक जल विसर्जन समारोह का आयोजन होगा। जल विसर्जन के साथ ही साल 2026 की वार्षिक यात्रा पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी और अगले साल 2027 की अगली यात्रा पर इसके कपाट द्वारा से श्रद्धालुओं के खोले जाएंगे।
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