Edited By Tanuja,Updated: 27 Aug, 2026 11:20 AM

अमेरिका के FDA ने गंभीर अवस्था वाले पैंक्रियाटिक कैंसर के इलाज के लिए नई दवा डाराक्सोनरासिब को मंजूरी दी है। अध्ययन में दवा लेने वाले मरीज औसतन 13.2 महीने जीवित रहे, जबकि कीमोथेरेपी वाले मरीजों का औसत सर्वाइवल 6.7 महीने रहा। दवा की मासिक कीमत करीब...
Washington: अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बुधवार को गंभीर अवस्था में पहुंच चुके अग्नाशय के कैंसर के इलाज के लिए एक नयी दवा को मंजूरी दी है। यह दवा इस बेहद घातक कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए अधिक प्रभावी उपचार की नई उम्मीद लेकर आई है। एफडीए अधिकारियों ने पहली बार विकसित की गई 'डाराक्सोनरासिब' नाम की गोली को त्वरित मंजूरी दी है। यह दवा एक ऐसे बदले हुए प्रोटीन को रोकती है, जो अग्न्याशय के 90 प्रतिशत से अधिक कैंसर के मामलों में ट्यूमर की वृद्धि को बढ़ावा देता है। इस प्रोटीन को निशाना बनाने की कोशिश दवा कंपनियां दशकों से करती रही थीं, लेकिन अब तक इसमें सफलता नहीं मिली थी।
रिवॉल्यूशन मेडिसिन्स कंपनी यह दवा बेचेगी। कंपनी के अनुसार, एक महीने की दवा की कीमत करीब 39,800 अमेरिकी डॉलर होगी। एक अध्ययन के अनुसार दवा लेने वाले मरीजों का जीवित रहने का समय लगभग दोगुना हो गया और गंभीर दुष्प्रभाव भी कम देखने को मिले। कंपनी द्वारा वित्त पोषित इस अध्ययन में 500 ऐसे मरीज शामिल थे, जिनका कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल चुका था और पहले किए गए उपचार का असर होना बंद हो गया था। नयी दवा लेने वाले मरीज औसतन 13.2 महीने तक जीवित रहे, जबकि कीमोथेरेपी लेने वाले मरीजों के जीवित रहने की अवधि 6.7 महीने रही।
'फ्रेड हच कैंसर सेंटर' के डॉ. एंड्रयू कोवेलर ने कहा, ''यह मेरी जानकारी में सबसे अधिक प्रतीक्षित मंजूरियों में से एक है। इस दवा से मरीज ठीक नहीं होता लेकिन उसकी हालत में उल्लेखनीय सुधार होता है।'' एफडीए ने बुधवार को बताया कि उसने दवा को निर्धारित समय से छह महीने से अधिक पहले मंजूरी दे दी। एफडीए के कार्यवाहक आयुक्त काइल डायमंटैस ने एक बयान में कहा, ''मरीजों तक अधिक प्रभावी उपचार और सार्थक इलाज जल्द से जल्द पहुंचाना हमारा मूल दायित्व है।'