Edited By Tanuja,Updated: 27 Aug, 2026 12:21 PM

चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में नेपाल सीमा के पास भीषण भूस्खलन के बाद 588 लोग लापता हैं और तीन की मौत हुई है। ग्यिरोंग पोर्ट प्रभावित हुआ है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। चीनी सेना और सशस्त्र पुलिस की टीमें...
Bejing: चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में नेपाल से लगी सीमा के पास भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस आपदा के बाद 588 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बचाव अभियान के लिए चीनी सेना और सशस्त्र पुलिस की टीमें प्रभावित इलाके में भेजी गई हैं। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह भूस्खलन बुधवार सुबह तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी स्थित ग्यिरोंग पोर्ट के आसपास हुआ। यह इलाका नेपाल की सीमा के बेहद करीब है। भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में लोग मलबे और प्रभावित इलाकों में फंस गए।
रिपोर्ट के अनुसार, अब तक दो स्थानीय ग्रामीणों को बचाया गया है, जबकि तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। लापता लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार को ही तिब्बत में चीन-नेपाल सीमा के पास आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता लोगों की तलाश और बचाव के लिए हरसंभव प्रयास करने का आदेश दिया था। उन्होंने जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता देने और आगे होने वाली संभावित आपदाओं से बचाव के लिए निगरानी तथा शुरुआती चेतावनी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
चीन की सेना ने संभाला मोर्चा
आपदा के बाद पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की वेस्टर्न थिएटर कमांड की एक संचालन टीम को प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया है। यह कमांड तिब्बत में भारत-चीन सीमा की निगरानी भी करती है। शिन्हुआ के मुताबिक, वाई-20 परिवहन विमान के जरिए टीम को ग्यिरोंग काउंटी भेजा गया। उसका काम सैन्य बलों के राहत एवं बचाव अभियान में समन्वय करना है। बचाव दलों को मलबा हटाने, सड़कों को साफ करने, नुकसान का आकलन करने और लापता लोगों की तलाश के लिए लगाया गया है। जरूरत पड़ने पर विमानन, चिकित्सा, परिवहन और इंजीनियरिंग इकाइयों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।
नेपाल में भी बाढ़ ने मचाई तबाही
इससे पहले नेपाल के कई सीमावर्ती जिलों में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। बाढ़ से रसुवा, धादिंग, नुवाकोट और चितवन समेत कई इलाके प्रभावित हुए और बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर सामने आई थी। भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है। इसके बाद यह त्रिशूली नदी से मिलती है, जो आगे चलकर भारत में गंडक नदी के रूप में प्रवेश करती है।
भारतीय नागरिकों के लिए भी एडवाइजरी
इस आपदा के बीच चीन स्थित भारतीय दूतावास ने तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक आई बाढ़ में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने जरूरत पड़ने पर सहायता हासिल करने के लिए संपर्क सूत्र भी साझा किए हैं। ोसीमावर्ती इलाका होने के कारण इस आपदा ने भारत, नेपाल और चीन—तीनों के लिए सुरक्षा, राहत और सीमा-पार संपर्क से जुड़ी चुनौतियां बढ़ा दी हैं।