Edited By ,Updated: 26 Aug, 2026 03:57 AM

देश में रिश्वतखोरी का रोग इस कदर बढ़ चुका है कि जमीन-जायदाद के पंजीकरण जैसे जरूरी कामों के लिए भी लोगों को राजस्व विभाग के चंद पटवारियों को रिश्वत देनी पड़ती है जिससे विभाग की बदनामी हो रही है। पटवारियों द्वारा रिश्वतखोरी की गत 2 महीनों में सामने आई...
देश में रिश्वतखोरी का रोग इस कदर बढ़ चुका है कि जमीन-जायदाद के पंजीकरण जैसे जरूरी कामों के लिए भी लोगों को राजस्व विभाग के चंद पटवारियों को रिश्वत देनी पड़ती है जिससे विभाग की बदनामी हो रही है। पटवारियों द्वारा रिश्वतखोरी की गत 2 महीनों में सामने आई घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 27 जून को ‘भीलवाड़ा’ (राजस्थान) में एक पटवारी ‘लोकेश जोशी’ को एक व्यक्ति की जमीन का नामांतरण करने के बदले शिकायतकत्र्ता से 1000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
* 30 जून को ‘गोल गुंजाल’ (जम्मू) में तैनात पटवारी ‘शशि कुमार’ और उसके सहायक ‘हरकीरत सिंह’ को भ्र्रष्टïाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने शिकायतकत्र्ता को जमीन की 2 ‘फर्दें’ जारी करने के बदले में 70,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
* 2 जुलाई को ‘चौमू तहसील’ (राजस्थान) में भ्र्रष्टïाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने ‘अलीसर पटवार मंडल’ में तैनात पटवारी ‘सुरेंद्र स्वामी’ और एक बिचौलिए ‘भैरू राम यादव’ को जमीन के नामांतरण के बदले 1 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया।
* 6 जुलाई को ‘पटौदी’ (हरियाणा) स्थित शेरपुर गांव में जमीन का नामांतरण करने के एवज में राज्य सतर्कता ब्यूरो ने पटवारी ‘राजेश मल्हान’ को 15,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
* 7 जुलाई को ‘टोंक’ (राजस्थान) में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने ‘जहाजपुर’ तहसील के ‘ऊंचा’ हल्का के पटवारी ‘भंवर सिंह’ को अपनी कार के डैशबोर्ड में छुपाकर रखी रिश्वत की 20,000 रुपए की रकम के साथ गिरफ्तार किया।
* 10 जुलाई को ‘भरतपुर’ (राजस्थान) में अधिकारियों ने शिकायतकत्र्ताओं की जमीन की पैमाइश की तस्दीक करने के बदले में 2 पटवारियों ‘प्रदीप सिंह’ और ‘दिगम्बर सिंह’ को 30-30 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया।
* 28 जुलाई को ‘जयपुर’ (राजस्थान) में भ्रष्टïाचार निरोधक ब्यूरो के स्पैशल यूनिट ने 30 लाख रुपयों की रिश्वत के पुराने मामले में 10 महीने से फरार पूर्व पटवारी ‘नरेंद्र मीणा’ को गिरफ्तार किया।
* 30 जुलाई को ‘झाबुआ’ (मध्य प्रदेश) जिले के ‘मोहनपुरा’ में लोकायुक्त ‘इंदौर’ की टीम ने ‘सारंगी’ उप-तहसील कार्यालय में पटवारी ‘संजय अमलियार’ को एक किसान से उसकी कृषि भूमि का इंतकाल करने के लिए 2,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
* 6 अगस्त को ‘पानीपत’ (हरियाणा) में भ्रष्टïाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने जमीन की निशानदेही करने के बदले में 15,000 रुपए रिश्वत लेते हुए एक पटवारी और उसके सहायक को गिरफ्तार किया।
* 11 अगस्त को ‘रुड़का’ तहसील ‘डेहलों’ (लुधियाना, पंजाब) के पटवारी ‘पुनीत कुमार यादव’ को पंजाब विजिलैंस ब्यूरो के अधिकारियों ने भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर और इंतकाल के नाम पर जमीन के बंटवारे के एवज में एक किसान से 15,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
* 11 अगस्त को ही ‘किश्तवाड़’ (जम्मू-कश्मीर) में भ्रष्टïाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने ‘त्रिगाम’ पटवार हल्का के पूर्व पटवारी ‘मोहम्मद आरिफ मीर’ के विरुद्ध ‘फर्द’ जारी करने के लिए चैक से 3 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में मामला दर्ज किया।
* 21 अगस्त को ‘पाली’ (राजस्थान) जिले के ‘लाणेरा पटवार हल्का’ में पटवारी ‘मनीष कुमार मीणा’ को भूमि रिकार्ड में तरमीम के बदले 10,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। अधिकारियों को देखकर उक्त पटवारी ने रिश्वत में लिए नोट झाडिय़ों में फैंक दिए थे।
* और अब 25 अगस्त को ‘छतरपुर’ (मध्य प्रदेश) के गौरीहार’ में तैनात एक पटवारी को किसी मामले की जांच रिपोर्ट लगाने के बदले में 2000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में अधिकारियों ने गिरफ्तार किया।
उक्त उदाहरणों से स्पष्ट है कि पटवारियों का एक वर्ग किस कदर रिश्वतखोरी के महारोग की चपेट में आ चुका है। इसे दूर करने के लिए आरोपियों के विरुद्ध तुरंत कठोर कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि विभाग की बदनामी न हो।—विजय कुमार