Edited By Ramkesh,Updated: 15 Jul, 2026 08:14 PM

नई कार खरीदना हर किसी के लिए खास पल होता है। कार घर आते ही कई लोग अपनी पसंद के अनुसार उसमें बदलाव (मॉडिफिकेशन) कराना शुरू कर देते हैं। कोई नई LED लाइट्स लगवाता है, कोई म्यूजिक सिस्टम अपग्रेड करता है, तो कोई अलग-अलग एक्सेसरीज जोड़ देता है। लेकिन कई...
नेशनल डेस्क: नई कार खरीदना हर किसी के लिए खास पल होता है। कार घर आते ही कई लोग अपनी पसंद के अनुसार उसमें बदलाव (मॉडिफिकेशन) कराना शुरू कर देते हैं। कोई नई LED लाइट्स लगवाता है, कोई म्यूजिक सिस्टम अपग्रेड करता है, तो कोई अलग-अलग एक्सेसरीज जोड़ देता है। लेकिन कई बार यही बदलाव भारी पड़ सकते हैं। यदि मॉडिफिकेशन कंपनी की गाइडलाइन के खिलाफ हुआ, तो कार की वॉरंटी रद्द हो सकती है। ऐसे में किसी बड़ी खराबी की स्थिति में पूरा खर्च आपको अपनी जेब से उठाना पड़ सकता है।
किन बदलावों से वॉरंटी पर पड़ सकता है असर?
कार निर्माता केवल उन्हीं पार्ट्स और सिस्टम की जिम्मेदारी लेते हैं, जिनका उपयोग उनकी निर्धारित शर्तों के अनुसार किया गया हो। यदि कार में बिना अनुमति ऐसे बदलाव किए जाते हैं, जो उसके मूल सिस्टम को प्रभावित करते हैं, तो कंपनी वॉरंटी क्लेम अस्वीकार कर सकती है।
लोकल गैरेज में वायरिंग बदलवाना पड़ सकता है भारी
पैसे बचाने के लिए कई लोग लोकल गैरेज में नई वायरिंग या इलेक्ट्रिकल सिस्टम में बदलाव करवा लेते हैं। यदि इस दौरान कार की मूल वायरिंग काटी या बदली जाती है, तो कंपनी इसे अनऑथराइज्ड मॉडिफिकेशन मान सकती है। बाद में इलेक्ट्रिकल खराबी आने पर वॉरंटी का लाभ नहीं मिलेगा।
आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज भी बन सकती हैं परेशानी
तेज आवाज वाले हॉर्न, अतिरिक्त LED लाइट्स, लोकल म्यूजिक सिस्टम या अन्य इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज लगवाने से भी जोखिम बढ़ सकता है। यदि इन एक्सेसरीज के कारण कार के इलेक्ट्रिकल या अन्य सिस्टम पर असर पड़ता है, तो कंपनी संबंधित वॉरंटी क्लेम को खारिज कर सकती है।
लोकल CNG किट लगवाने से बचें
कम खर्च के लिए कई लोग बाहर से CNG किट लगवा लेते हैं। यदि यह किट कंपनी द्वारा स्वीकृत नहीं है या इसकी फिटिंग सही तरीके से नहीं हुई है, तो इंजन और अन्य सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में कंपनी वॉरंटी देने से इनकार कर सकती है।
समय पर सर्विस कराना भी है जरूरी
सिर्फ मॉडिफिकेशन ही नहीं, बल्कि समय पर सर्विस न कराना भी वॉरंटी खत्म होने का कारण बन सकता है। कंपनी द्वारा निर्धारित सर्विस शेड्यूल का पालन करना, अनुशंसित इंजन ऑयल और फ्लूइड्स का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। वॉरंटी क्लेम के समय सर्विस रिकॉर्ड की भी जांच की जाती है।
वॉरंटी सुरक्षित रखने के आसान उपाय
हमेशा कंपनी के ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से ही सर्विस और रिपेयर कराएं। केवल जेन्युइन (Original) पार्ट्स और कंपनी द्वारा स्वीकृत एक्सेसरीज का ही इस्तेमाल करें।
किसी भी मॉडिफिकेशन से पहले वाहन की वॉरंटी शर्तें और गाइडलाइन जरूर पढ़ें। यदि कोई बदलाव कराना जरूरी हो, तो पहले अधिकृत डीलर या सर्विस सेंटर से सलाह लें। थोड़ी-सी सावधानी आपकी नई कार की वॉरंटी को सुरक्षित रख सकती है और भविष्य में होने वाले बड़े खर्च से भी बचा सकती है।