‘स्वार्थ में अंधे होकर लोग’ अपनों की ही कर रहे हत्याएं!

Edited By Updated: 25 Sep, 2026 03:58 AM

people blinded by selfishness are killing their own people

आज के भौतिकवादी युग में लोगों में बढ़ रहा लोभ, क्रोध, स्वार्थ, संदेह, घरेलू विवाद आदि खून के रिश्तों पर भारी पडऩे लगे हैं जिनके कारण लोग किस प्रकार रिश्तों का खून कर रहे हैं यह निम्न में दर्ज पिछले 5 महीनों की घटनाओं से स्पष्ट है :

आज के भौतिकवादी युग में लोगों में बढ़ रहा लोभ, क्रोध, स्वार्थ, संदेह, घरेलू विवाद आदि खून के रिश्तों पर भारी पडऩे लगे हैं जिनके कारण लोग किस प्रकार रिश्तों का खून कर रहे हैं यह निम्न में दर्ज पिछले 5 महीनों की घटनाओं से स्पष्ट है : 

* 14 अप्रैल को ‘विजयपुरा’ (कर्नाटक) में एक व्यक्ति ने अपने 6 साल के बेटे को ‘नदी’ में फैंक कर मार डाला। गांव वालों द्वारा बच्चे की शक्ल पिता से न मिलने का मजाक उड़ाने (अवैध संतान होने के शक) के चलते गुस्से में अंधा होकर उसने अपने ही बेटे की जान ले ली। ।
* 30 अगस्त को ‘जलालाबाद’ (पंजाब) के ‘तारेवाला गांव’ में एक युवक ‘गुरबाज सिंह’ को आपसी विवाद के चलते अपने पिता ‘मुख्तयार सिंह’ की हत्या कर देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 
* 6 सितम्बर को ‘जगराओं’ (पंजाब) के गांव ‘अमरगढ़ कलेर’ में ‘गुरकीरत सिंह’ नामक युवक ने प्रॉपर्टी के लिए अपनी नानी ‘मनजीत कौर’ को मार डाला। गुरकीरत के माता-पिता की उसके बचपन में ही मौत के बाद ‘मनजीत कौर’ ने ‘गुरकीरत’ को अपने पास ही रख लिया था।

* 10 सितम्बर को  ‘बिलासपुर’ (छत्तीसगढ़) में ‘नितिन’ नामक युवक ने अपनी भाभी ‘अंकिता’ से किसी बात पर विवाद के चलते अपनी 2 वर्षीय भतीजी को जलते हुए लकड़ी के चूल्हे पर बिठा कर जला डाला। 
* 14 सितम्बर को ‘महोबा’ (उत्तर प्रदेश) के ‘रंगैलिया बुर्ज’ गांव में एक व्यक्ति ने अपने भोजन में जहर मिलाने के शक में अपनी पत्नी की छाती में त्रिशूल घोंप कर उसे मार डाला।
* 16 सितम्बर को ‘बलिया’ (उत्तर प्रदेश) के ‘रसड़ा’ थाना क्षेत्र में ‘रामचेत गुप्ता’ नामक व्यक्ति ने अपनी बीमार पत्नी ‘मान्ती देवी’ और दृष्टिबाधित बेटी ‘गौरी’ को कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर मार डाला।

* 18 सितम्बर को ‘देहगाम’ (गुजरात)  में ‘आशीष’ नामक  व्यक्ति ने घरेलू विवाद के बाद अपने मात्र 3 महीने के बेटे को कुएं में फैंक दिया। बच्चे की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
* 19 सितम्बर को ‘दिल्ली’ के तिगड़ी इलाके में सब्जी पकाने को लेकर हुए विवाद में ‘कमलेश’ नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी ‘पूनम’ की गोली मारकर हत्या कर दी। 
* 19 सितम्बर को ही ‘दमोह’ (मध्य प्रदेश) के ‘कबीरपुर’ गांव में ‘द्वारका पटेल’ नामक व्यक्ति ने परिवार में लंबे समय से चल रहे घरेलू विवाद के कारण अपनी पत्नी ‘खेमाबाई’ (25) और 3 मासूम बच्चों बेटी ‘उर्मिला’ (7) तथा 2 बेटों ‘उमेश’ (4) व ‘राजा’ (1) को कुल्हाड़ी से काट डाला। 

* 20 सितम्बर को ‘दक्षिण कन्नड़’ (कर्नाटक) में फोन पर अपने पति के साथ बातचीत के दौरान हुए झगड़े के चलते अपने साढ़े तीन वर्ष के बेटे और अपनी ननद के तीन वर्षीय बेटे को कुएं में फैंक कर मार डालने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया गया।
* 21 सितम्बर को ‘देहरादून’ (उत्तराखंड) के ‘सुभाष नगर’ इलाके में ‘धीरज’ नामक व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी ‘काजल’ की गोली मारकर हत्या कर दी। 
* 22 सितम्बर को ‘आजमगढ़’ (उत्तर प्रदेश) के ‘शंभुपुर’ में मना करने के बावजूद घर में धार्मिक अनुष्ठïान करवाने पर हुए विवाद में ‘अरविंद सिंह’ नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी, बेटे तथा 2 पुजारियों की हत्या कर दी।
* और अब 23 सितम्बर को ‘पटना’ (बिहार) के ‘दानापुर’ में ‘ओम चंद्र’ नामक सिपाही ने किसी विवाद के चलते अपनी सॢवस रिवाल्वर से गोली मार कर अपनी बहन की हत्या करने के बाद स्वयं भी गोली मार कर आत्महत्या कर ली।
उक्त घटनाएं लोगों में आ रहे नैतिक पतन के शर्मनाक उदाहरण हैं जो भारत की प्राचीन उच्च संस्कृति से कतई मेल नहीं खातीं। अत: ऐसे लोगों को कठोरतम दंड देने की आवश्यकता है ताकि उनका अंजाम देख कर दूसरे लोगों को भी नसीहत मिले और वे ऐसे अमानवीय कृत्य करने से संकोच करें।—विजय कुमार

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