रेटिंग एजैंसी एस. एंड पी. ग्लोबल का चीन को झटका, भारत की बल्ले-बल्लेे

Edited By Updated: 03 Oct, 2021 04:25 AM

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लगता है कि चीन के अच्छे दिन लद गए हैं और अब उसे अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। चीन की आॢथक दशा को तगड़ा धक्का लगने वाला है और इसके पीछे वजह है वर्ष 2019 के अंत में फैली विश्वव्यापी कोरोना महामारी

लगता है कि चीन के अच्छे दिन लद गए हैं और अब उसे अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। चीन की आर्थिक दशा को तगड़ा धक्का लगने वाला है और इसके पीछे वजह है वर्ष 2019 के अंत में फैली विश्वव्यापी कोरोना महामारी। दुनियाभर के देश अब चीन के साथ व्यापार करने से कतराने लगे हैं और तेजी से उसका विकल्प ढूंढ रहे हैं। 

स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एस. एंड पी.) ग्लोबल जो दुनिया की सबसे बड़ी रेटिंग कम्पनी है, जो दुनिया के देशों को उनके आॢथक पैमाने, व्यापार, सकल घरेलू उत्पाद, थोक मूल्य सूचकांक, मूल्य संग्रह प्रणाली और तमाम आर्थिक मानदंडों के आधार पर एक सूची में रखती है। अगर उस देश का आर्थिक पैमाना अच्छा है तो रेटिंग में ऊंची जगह मिलेगी नहीं तो पायदान में निचले स्तर पर गिरा दिया जाएगा। एस. एंड पी. ग्लोबल की रेटिंग से दुनिया के कई देशों के वैश्विक और क्षेत्रीय व्यापार पर असर पड़ता है। एस. एंड पी. ग्लोबल ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दुनिया भर की आर्थिक प्रगति की बात कही गई है। अपनी रिपोर्ट में एस. एंड पी. ने दो देशों की आर्थिक दशा पर जोर दिया है, ये देश भारत और चीन हैं। चीन की विकास दर 7.7 की गति से आगे बढ़ेगी लेकिन इसके साथ ही एस. एंड पी. ग्लोबल ने यह भी कहा है कि अगर चीन एवरग्रांडे से होने वाले नुक्सान को रोक लेता है या उसे पूरा चुका देता है तभी उसकी विकास दर इस गति पर चलने में सक्षम होगी। 

एस. एंड पी. ग्लोबल ने चीन के वर्ष 2021 के सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ौतरी के अनुमानों में 30 बेसिक प्वाइंट की कटौती की है। चीन के लिए एजैंसी ने पहले 8 फीसदी की अनुमानित विकास दर का अंदाजा लगाया था जिसे बाद में घटा कर 7.7 फीसदी कर दिया गया। चीन की सरकार अगर एवरग्रांडे कम्पनी से चीन की अर्थव्यवस्था में पैदा हुए भूचाल को थाम लेती है, तभी उसे 7.7 फीसदी की विकास दर मिलेगी, नहीं तो उसकी आॢथक विकास दर एकदम नीचे आ जाएगी और इसी के साथ चीन की अर्थव्यवस्था का जो पिछले 30 वर्षों से स्वॢणम युग चला आ रहा है वह भी खत्म हो जाएगा। एवरग्रांडे एक बहुत बड़ा घोटाला है, यह अपने साथ-साथ कई दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था को दीवालिया बना सकता है। 

एस. एंड पी. ग्लोबल एजैंसी रेटिंग ने कहा कि चीन की सत्ता में शीर्ष पर बैठे लोगों ने चीनी तकनीकी कम्पनियों के लिए, जो चीन के टैक्नोलॉजी सैक्टर का बड़ा हिस्सा हैं, पर अपने नियमों को सख्त बनाया है। डिलीवरी राइडर्स, इंटरनैट गेमिंग कम्पनियों के नियमों पर लगाम लगाने और सख्ती बढ़ाने से चीन की अर्थव्यवस्था को नुक्सान हो रहा है, इससे चीन का आर्थिक भविष्य भी अनिश्चितता की तरफ लगातार बढ़ता जा रहा है। एवरग्रांडे से पैदा हुए आर्थिक हालात पर रेटिंग एजैंसी ने कहा कि इससे दूसरे डिवैल्पर्स, आपूर्ति शृंखला से जुड़े क्षेत्र, बड़े और मंझोले ठेकेदार, बैंक और बड़े-छोटे वित्तीय संस्थानों पर बुरा असर पडऩे की आशंका है। चीन सरकार एवरग्रांडे घोटाले से पैदा हुए हालात को संभालने के लिए कुछ नहीं कर रही और जल्दी ही इसका असर वैश्विक तौर पर देखने को मिलेगा। रेटिंग एजैंसी ने कहा कि हमें उम्मीद नहीं है कि चीन की सरकार एवरग्रांडे को किसी तरह का सीधा सहयोग देगी। 

भारत के बारे में भी एस. एंड पी. ग्लोबल ने रेटिंग दी है। हालांकि रेटिंग एजैंसी भारत को लेकर हमेशा नकारात्मक रुख अपना और ऊंची रेटिंग देने से बचती रही है लेकिन इस बार एस. एंड पी. ने भारत की आॢथक स्थिति को बेहतर बताया है। रेटिंग एजैंसी के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में जबरदस्त रिकवरी आ रही है। भारत के लिए एजैंसी ने वर्ष 2022 में 9.5 फीसदी की जी.डी.पी. का अनुमान रखा है और इसे स्थिर बताया है। भारत की तारीफ करते हुए एस. एंड पी. ग्लोबल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अप्रैल-जून में भारत की अर्थव्यवस्था कोरोना की दूसरी लहर के कारण सुस्त पड़ गई थी लेकिन जुलाई-सितम्बर की तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने रिकवरी की है, मुद्रास्फीति उम्मीद से अधिक बनी हुई है, सार्वजनिक ऋण की ङ्क्षचता भी है लेकिन इस सबके बावजूद भारत तेज गति से पूंजी प्रवाह जोखिम पैदा कर सकता है।

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