सोने के बाद अब विदेशी सामानों के आयात पर लगाम लगाने की तैयारी में सरकार, जानें क्यों?

Edited By Updated: 20 May, 2026 11:18 AM

after addressing gold imports government now gears up

भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 96.90 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। रुपए में लगातार गिरावट को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। देश के भारी-भरकम आयात बिल को कंट्रोल करने के लिए सरकार उन विदेशी सामानों के...

बिजनेस डेस्कः भारतीय करेंसी डॉलर के मुकाबले लगातार गिर रही है। डॉलर के मुकाबले रुपए में लगातार गिरावट और बढ़ते इंपोर्ट बिल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। Gold Import पर सख्ती के बाद अब केंद्र सरकार गैर-जरूरी विदेशी सामानों के आयात पर भी नकेल कसने की तैयारी में है। सरकार का मानना है कि जिन उत्पादों का निर्माण भारत में आसानी से हो सकता है, उनके आयात को कम करके न सिर्फ रुपए को सहारा दिया जा सकता है, बल्कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया

बुधवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 96.90 पर खुला। मंगलवार को यह 96.5 पर बंद हुआ। रुपए में लगातार गिरावट का असर देश के व्यापार घाटे पर भी दिखाई दे रहा है। अप्रैल में भारत का ट्रेड डेफिसिट बढ़कर 28.4 अरब डॉलर पहुंच गया, जो मार्च में 20.7 अरब डॉलर था। विदेशी निवेश में कमी और देश से पूंजी के बाहर जाने से भुगतान संतुलन पर दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे सरकार की चिंता और गहरा गई है।

गैर-जरूरी आयात पर लग सकती है रोक

अगले हफ्ते सरकार की एक अहम अंतर-मंत्रालयी बैठक होने जा रही है, जिसमें वित्त, वाणिज्य और इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्रालयों के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में बढ़ते आयात बिल को कम करने और रुपए को स्थिर करने के उपायों पर चर्चा होगी।

अधिकारियों के मुताबिक, कई ऐसे उत्पाद बड़ी मात्रा में विदेशों से मंगाए जा रहे हैं, जिन्हें भारत में ही बनाया जा सकता है। ऐसे में सरकार कुछ गैर-जरूरी आयातित सामानों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने या नए प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है।

घरेलू उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

सरकार की रणनीति ‘लोकल मैन्युफैक्चरिंग’ को मजबूत करने पर केंद्रित है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी कारोबारियों से अपील की है कि जिन वस्तुओं का उत्पादन देश में हो सकता है, उन्हें विदेशों से आयात करने से बचें।

सरकार का मानना है कि सस्ते लेकिन कम गुणवत्ता वाले विदेशी उत्पाद घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसी वजह से मंत्रालयों से उन उत्पादों की सूची मांगी गई है जिनके आयात को सीमित किया जा सकता है।

सप्लाई चेन पर नहीं पड़ेगा असर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नए प्रतिबंध को चरणबद्ध और संतुलित तरीके से लागू किया जाएगा। जरूरी वस्तुओं और घरेलू उद्योगों की सप्लाई चेन प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।

सरकार का उद्देश्य रुपए को मजबूती देना, आयात पर निर्भरता कम करना और देश में रोजगार व उत्पादन को बढ़ावा देना है।
 

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