Edited By jyoti choudhary,Updated: 12 Aug, 2026 03:54 PM

देश के दो बड़े सरकारी बैंक केनरा बैंक (Canara Bank) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बढ़ोतरी की है। दोनों बैंकों की नई दरें 12 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इसका असर उन ग्राहकों के लोन पर
नई दिल्लीः देश के दो बड़े सरकारी बैंक केनरा बैंक (Canara Bank) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बढ़ोतरी की है। दोनों बैंकों की नई दरें 12 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इसका असर उन ग्राहकों के लोन पर पड़ सकता है, जिनकी ब्याज दर MCLR से जुड़ी हुई है। ऐसे ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है।
केनरा बैंक ने 5 बेसिस पॉइंट बढ़ाया MCLR
केनरा बैंक ने चुनिंदा अवधि के MCLR में 5 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। एक बेसिस पॉइंट 0.01 प्रतिशत के बराबर होता है। बैंक का नया MCLR अलग-अलग अवधि के हिसाब से 7.95% से 9.10% के बीच है। ओवरनाइट MCLR 7.95% पर पहले की तरह बरकरार है। वहीं, एक महीने का MCLR 8% से बढ़कर 8.05%, तीन महीने का 8.25% से बढ़कर 8.30% और छह महीने का 8.60% से बढ़कर 8.65% हो गया है। एक साल का MCLR भी 8.75% से बढ़कर 8.80% हो गया है। इसके अलावा दो साल और तीन साल की MCLR दरें बढ़कर क्रमशः 9.05% और 9.10% हो गई हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने 10 बेसिस पॉइंट तक बढ़ाया MCLR
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी चुनिंदा अवधि के लिए MCLR में बढ़ोतरी की है। बैंक ने तीन महीने की MCLR को 10 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 8.20% से 8.30% कर दिया है। हालांकि, बैंक ने ओवरनाइट MCLR 7.85% और एक महीने की MCLR 7.95% पर बरकरार रखी है। इसी तरह छह महीने और एक साल की MCLR क्रमशः 8.50% और 8.75% पर अपरिवर्तित है। बैंक की नई MCLR दरें अलग-अलग अवधि के हिसाब से 7.85% से 8.75% के बीच हैं।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
MCLR बढ़ने से सबसे ज्यादा चिंता उन ग्राहकों को हो सकती है, जिनके होम लोन, पर्सनल लोन या अन्य कर्ज इसी बेंचमार्क से जुड़े हैं। अगर संबंधित लोन की ब्याज दर रीसेट होती है, तो ब्याज का बोझ बढ़ सकता है।