Edited By Sanjeev,Updated: 21 Oct, 2026 11:09 AM

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने जानकारी दी है कि एक साइबर हमले के जरिए हैकर्स ने बैंक के ग्राहकों का डेटा चुरा लिया है। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में, SBI ने बताया कि उसे शक है कि 3,897 ग्राहकों का डेटा, जिसमें उनकी निजी पहचान से जुड़ी जानकारी...
नई दिल्ली : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने जानकारी दी है कि एक साइबर हमले के जरिए हैकर्स ने बैंक के ग्राहकों का डेटा चुरा लिया है। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में, SBI ने बताया कि उसे शक है कि 3,897 ग्राहकों का डेटा, जिसमें उनकी निजी पहचान से जुड़ी जानकारी (PIF) शामिल है, डार्क वेब पर लीक हो गया है। बैंक ने कहा कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन या बिजनेस की निरंतरता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
SBI के अनुसार 16 अक्टूबर को उसे 'थ्रेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रोवाइडर', 'डिफेंस साइबर एजेंसी' और 'इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम' (CERT-In) से ग्राहकों का डेटा लीक होने के बारे में अलर्ट मिला था। SBI के मुताबिक डार्क वेब पर मिले लगभग 3,75,000 रिकॉर्ड्स की शुरुआती जांच में 3,897 ऐसे ग्राहकों का डेटा मिला है, जिनमें उनकी निजी पहचान से जुड़ी जानकारी शामिल है। लीक हुई जानकारी में ग्राहकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, नाम, लिंग, ईमेल एड्रेस और घर का पता शामिल बताया गया है।
फाइलिंग के अनुसार इन रिकॉर्ड्स में ब्रांच और कस्टमर इंफॉर्मेशन फाइल के आइडेंटिफायर, लीड ID, और लोन व लीड रिकॉर्ड्स से जुड़े मेटाडेटा तथा अन्य संबंधित फाइलें भी शामिल थीं। 'इंडिया टुडे टेक' ने सबसे पहले 19 अक्टूबर को SBI में डेटा लीक होने की संभावना के बारे में रिपोर्ट दी थी। हालांकि इस घटना में ग्राहकों का डेटा लीक हुआ है, लेकिन इससे कोर बैंकिंग कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है। SBI ने कहा, 'बैंक के मुख्य कामकाज बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से चल रहे हैं। साथ ही, बैंक ने तुरंत अपने साइबर इंसिडेंट रिस्पॉन्स और बचाव प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कहा कि लीक हुए डेटा की सत्यता और पूर्णता की जांच करने, इसके स्रोत का पता लगाने, डेटा लीक के दायरे को समझने और ग्राहकों तथा बैंक के लिए जोखिमों का आकलन करने के लिए एक विस्तृत जांच की आवश्यकता है। बैंक ने कहा कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। 3,897 ग्राहकों के डेटा से जुड़े मामले की जांच जारी है और इस दौरान नियमों के अनुसार उचित कदम उठाए जाएंगे।