Edited By jyoti choudhary,Updated: 20 Oct, 2026 04:35 PM

सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने कृत्रिम मेधा की मदद से आवाज की नकल, 'डीपफेक' और 'फिशिंग' (फर्जी संदेशों के जरिये गोपनीय जानकारी चुराने की कोशिश) जैसी साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को लेकर ग्राहकों को सतर्क किया है। बैंक ने उन्हें ऐसे...
नई दिल्लीः सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने कृत्रिम मेधा की मदद से आवाज की नकल, 'डीपफेक' और 'फिशिंग' (फर्जी संदेशों के जरिये गोपनीय जानकारी चुराने की कोशिश) जैसी साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को लेकर ग्राहकों को सतर्क किया है। बैंक ने उन्हें ऐसे मामलों में सावधानी बरतने और किसी भी संदेश या कॉल पर बिना पुष्टि के भरोसा नहीं करने की सलाह दी है।
पीएनबी ने ग्राहकों को बताया कि हर साल अक्टूबर को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। पीएनबी ने कहा कि धोखाधड़ी करने वाले लोग अब ऐसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, जिनसे उनके झांसे असली लगते हैं। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अशोक चंद्रा ने ग्राहकों को दिए संदेश में कहा, ''आजकल साइबर धोखाधड़ी के कई मामलों में लोगों के व्यवहार, खासकर भरोसे, डर, जल्दबाजी और रोजमर्रा की डिजिटल आदतों का फायदा उठाया जाता है। धोखाधड़ी करने वाले आपके परिवार के सदस्यों, दोस्तों या भरोसेमंद लोगों की आवाज या चेहरा तक नकल कर सकते हैं और पैसे तुरंत भेजने के लिए किसी आपात स्थिति का झूठा दावा कर सकते हैं।''
उन्होंने कहा कि इसी तरह फर्जी ईमेल, एसएमएस या संदेश बहुत व्यक्तिगत और बैंक के असली संदेशों जैसे दिख सकते हैं। इससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे संदेश घबराहट पैदा करते हैं और ग्राहक बिना पुष्टि किए कार्रवाई कर बैठते हैं।
देशभर में साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक उन्नत एआई से पैदा होने वाले खतरों, क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े जोखिमों और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कड़े नियामकीय निर्देशों से निपटने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा पर निवेश बढ़ा रहे हैं। पीएनबी के सीईओ चंद्रा ने ग्राहकों की मेहनत की कमाई और निजी जानकारी की सुरक्षा के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि साइबर धोखाधड़ी रोकने में जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी उपाय हैं।