यूरोप में EV के लिए 'मेड इन यूरोप' नियमों में देरी की मांग, ऑटो कंपनियों ने जताई चिंता

Edited By Updated: 03 Oct, 2026 06:22 PM

eu automakers urge more time to meet proposed local ev component rules

ACEA का कहना है कि अगर 'मेड इन यूरोप' की शर्तें बहुत सख्त रखी गईं, तो वाहन कंपनियां कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन कम कर सकती हैं। इससे यूरोप के लिए कार्बन उत्सर्जन से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

ब्रुसेल्स। यूरोप की वाहन कंपनियों ने प्रस्तावित 'मेड इन यूरोप' नियमों को लागू करने में देरी की मांग की है। इन नियमों के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में इस्तेमाल होने वाले पावरट्रेन के कम से कम 70 प्रतिशत हिस्से यूरोप से खरीदे जाने की शर्त रखी गई है। इसमें बैटरी और उसके प्रमुख हिस्से भी शामिल हैं। यह शर्त सरकारी प्रोत्साहन और सार्वजनिक खरीद में प्राथमिकता पाने के लिए लागू की जानी प्रस्तावित है।

ये प्रस्ताव Industrial Accelerator Act (IAA) का हिस्सा हैं, जिसे मार्च 2026 में जारी किया गया था। इसका उद्देश्य चीन की वाहन कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यूरोपीय संघ (EU) में रोजगार और वाहन उद्योग को मजबूत बनाए रखना है। यूरोपीय वाहन निर्माताओं के संगठन ACEA का कहना है कि प्रस्तावित समयसीमा में बैटरी के स्थानीय उत्पादन और सप्लाई चेन को तैयार करना मुश्किल होगा। ACEA में IAA से जुड़े काम की प्रमुख मारिया लिंकोवा-निज ने 1 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बैटरी के स्थानीयकरण से जुड़ी शर्तें काफी सख्त हैं। उनके मुताबिक, मौजूदा समयसीमा में उद्योग के लिए इन शर्तों को पूरा करने का व्यावहारिक रास्ता दिखाई नहीं देता।

बैटरी के स्थानीयकरण की समयसीमा बढ़ाने की मांग
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, कानून लागू होने के छह महीने के भीतर इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी के कम से कम तीन प्रमुख हिस्से यूरोप में बने होने चाहिए। इनमें बैटरी सेल भी शामिल हैं। इसके तीन साल बाद यह संख्या बढ़ाकर पांच किए जाने का प्रस्ताव है। ACEA ने इन समयसीमाओं को बढ़ाकर क्रमशः तीन साल और पांच साल करने की मांग की है। स्थानीयकरण के दायरे में बैटरी पैक, सेल, इलेक्ट्रोलाइट, एनोड और कैथोड सामग्री, थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम तथा इलेक्ट्रॉनिक मैनेजमेंट जैसे हिस्से शामिल हैं। ACEA की महासचिव सिग्रिड डी व्रीस ने कहा कि यूरोप को स्थानीय सप्लाई चेन विकसित करने और उत्पादन लागत कम करने के लिए अधिक समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यूरोप में उत्पादन पहले से ही कई संरचनात्मक कारणों से दूसरे क्षेत्रों की तुलना में महंगा है।

सस्ती EV पर पड़ सकता है असर
ACEA का कहना है कि अगर 'मेड इन यूरोप' की शर्तें बहुत सख्त रखी गईं, तो वाहन कंपनियां कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन कम कर सकती हैं। इससे यूरोप के लिए कार्बन उत्सर्जन से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल हो सकता है। संगठन के अनुसार, इससे चीन जैसे देशों की कंपनियों को यूरोपीय बाजार में और अधिक जगह मिल सकती है। चीन में इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी के उत्पादन की लागत अपेक्षाकृत कम है और वहां पूरी सप्लाई चेन विकसित हो चुकी है। EU के मंत्री इन प्रस्तावों के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा कर रहे हैं। नियमों को लागू करने की प्रक्रिया 2027 से पहले शुरू होने की संभावना नहीं है।

यूरोप की बैटरी सप्लाई में एशियाई कंपनियों का दबदबा
यूरोप में इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों के लिए बैटरी सप्लाई में एशियाई कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी है। चीन की CATL और दक्षिण कोरिया की LG Chem जैसी कंपनियां यूरोप में बिकने वाले वाहनों के लिए बड़ी मात्रा में बैटरी उपलब्ध कराती हैं। कुछ कंपनियां यूरोप में स्थानीय उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। उदाहरण के लिए, Stellantis ने CATL के साथ स्पेन में एक बड़ी बैटरी फैक्ट्री लगाने के लिए समझौता किया है। हालांकि, यूरोप में कई बैटरी परियोजनाएं या तो बंद हो चुकी हैं या उनकी योजनाओं को छोटा कर दिया गया है। स्वीडन की Northvolt इसका एक प्रमुख उदाहरण है। कंपनी BMW के साथ अनुबंध के बावजूद दिवालिया हो गई। ACC ने फ्रांस में नई फैक्ट्री से Stellantis को बैटरी सेल की सप्लाई शुरू कर दी है, लेकिन जर्मनी और इटली में प्रस्तावित फैक्ट्रियों की योजनाएं फिलहाल रोक दी गई हैं। वहीं, Renault के साथ बैटरी सप्लाई समझौता करने वाली Verkor ने अभी उत्पादन शुरू नहीं किया है।

यूरोप में बैटरी उत्पादन क्षमता को लेकर चिंता
ACEA के लिए Mobility Global द्वारा तैयार एक अध्ययन में कहा गया है कि यूरोप की मौजूदा और प्रस्तावित बैटरी उत्पादन क्षमता भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती।

रिपोर्ट में इसके कई कारण बताए गए हैं:

बैटरी तकनीक में बदलाव: कम लागत वाली लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) बैटरियां पारंपरिक निकेल मैंगनीज कोबाल्ट (NMC) बैटरियों की जगह ले रही हैं। यूरोप की कई प्रस्तावित फैक्ट्रियां अभी भी NMC बैटरियों के उत्पादन के लिए तैयार की गई हैं।

कच्चे माल की कमी: कैथोड और एनोड जैसी प्रमुख सामग्री की यूरोप में पर्याप्त सप्लाई उपलब्ध नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, इनकी पर्याप्त उपलब्धता 2038 से पहले मुश्किल हो सकती है।

उत्पादन लागत अधिक: यूरोप में बनी बैटरी सेल चीन और एशिया में बनी बैटरियों की तुलना में अभी भी महंगी हैं।

फैक्ट्रियों की समयसीमा: रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल फैक्ट्री की घोषणा को वास्तविक उत्पादन क्षमता नहीं माना जा सकता। कई परियोजनाओं में उत्पादन शुरू होने में देरी हो सकती है।

यूरोप की बैटरी कंपनियां नियमों के समर्थन में
दूसरी ओर, यूरोप की बैटरी इंडस्ट्री प्रस्तावित नियमों का समर्थन कर रही है। बैटरी क्षेत्र की कई कंपनियों ने पिछले साल नवंबर में यूरोपीय आयोग को पत्र लिखकर कहा था कि ये नियम चीन पर निर्भरता कम करने और यूरोप में रोजगार बचाने के लिए जरूरी हैं। इस पत्र पर बैटरी सप्लाई चेन से जुड़ी कई कंपनियों ने हस्ताक्षर किए थे। इनमें ACC, Verkor और अमेरिकी कंपनी Albemarle शामिल थीं। पर्यावरण संगठन Transport & Environment और यूरोपीय बैटरी निर्माताओं के संगठन Eurobat ने भी पत्र का समर्थन किया था।

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