Wheat Export: सरकार का बड़ा फैसला, गेहूं के निर्यात पर लगी रोक हटाई, 2022 में लगाया था बैन

Edited By Updated: 24 Aug, 2026 04:25 PM

government has made major decision lifting ban on wheat exports

केंद्र सरकार ने गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों जैसे मैदा और सूजी के निर्यात पर लगी पाबंदी तत्काल प्रभाव से हटा दी है। सरकार के इस फैसले के बाद अब इन उत्पादों का विदेशों में निर्यात बिना पहले वाली रोक के किया जा सकेगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय...

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों जैसे मैदा और सूजी के निर्यात पर लगी पाबंदी तत्काल प्रभाव से हटा दी है। सरकार के इस फैसले के बाद अब इन उत्पादों का विदेशों में निर्यात बिना पहले वाली रोक के किया जा सकेगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी अधिसूचना में गेहूं निर्यात पर लगी रोक हटाने की जानकारी दी गई। 

सरकार ने मई 2022 में घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद अगस्त 2022 में गेहूं के आटे और इससे जुड़े उत्पादों के निर्यात पर भी रोक लगा दी गई थी।

क्यों लगाया गया था प्रतिबंध?

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर गेहूं की सप्लाई प्रभावित हुई थी। ब्लैक सी क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और शिपमेंट में बाधा आने से भारतीय गेहूं की मांग बढ़ गई। इससे देश में गेहूं और आटे की कीमतों पर दबाव बढ़ा और सरकार ने घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्यात पर रोक लगाने का फैसला किया।

प्रतिबंध के बावजूद आटे के निर्यात में तेजी देखी गई थी। अप्रैल से जुलाई 2022 के दौरान आटे का निर्यात करीब 200 प्रतिशत बढ़ गया, जिसके बाद सरकार ने आटा, मैदा और अन्य संबंधित उत्पादों के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।
 

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