सोने व कीमती रत्नों के लिए ई-वे बिल को अनिवार्य बनाने पर विचार करेगी GST काउंसिल

Edited By jyoti choudhary, Updated: 24 Jun, 2022 12:21 PM

gst council to consider making e way bill mandatory for gold and precious stones

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुआई में 28-29 जून को जीएसटी काउंसिल की बैठक होने वाली है। इस बैठक में 2 लाख रुपए या उससे अधिक कीमत के सोने व अन्य रत्नों की एक राज्य के अंदर आवाजाही के लिए ई-वे बिल को अनिवार्य किए जाने पर विचार हो

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुआई में 28-29 जून को जीएसटी काउंसिल की बैठक होने वाली है। इस बैठक में 2 लाख रुपए या उससे अधिक कीमत के सोने व अन्य रत्नों की एक राज्य के अंदर आवाजाही के लिए ई-वे बिल को अनिवार्य किए जाने पर विचार हो सकता है। इसके अलावा बी2बी लेनदेन के लिए अनिवार्य ई-इनवॉइसिंग के दायरे को भी बढ़ाया जा सकता है। जीएसटी काउंसिल इस बैठक में ई-वे बिल पर राज्यों के वित्त मंत्रियों के पैनल की रिपोर्ट पर विचार कर सकती है। पैनल ने ई-इनवॉइसिंग को अनिवार्य करने का सुझाव दिया है।

20 करोड़ से अधिक के टर्नओवर पर ई-इनवॉइसिंग
वित्त मंत्रियों के पैनल ने सुझाव दिया है कि सोने व कीमती रत्नों का व्यापार करने वाले सभी टैक्सपेयर और सालान 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का टर्नओवर करने वाले सभी व्यापारियों के बी2बी ट्रांजेक्शन के लिए ई-इनवॉइसिंग को अनिवार्य किया जाना चाहिए। सुझाव में कहा गया है कि जीएसटी नेटवर्क ई-इनवॉइसिंग के कार्यान्वयन को लेकर तौर-तरीकों और समयसीमा तय करेगा। वर्तमान में 50 करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर वाले कारोबारियों के बी2बी ट्रांजेक्शन पर ई-इनवॉइस अनिवार्य है।

ई-वे बिल पर फैसला राज्यों को दें
मंत्रियों के पैनल ने यह भी सुझाव दिया है कि राज्यों के भीतर सोने व रत्नों की आवाजाही के लिए ई-वे बिल की अनिवार्यता को तय करने का अधिकार राज्य सरकारों को ही मिलना चाहिए। उन्होंने कहा है कि ई-वे बिल के लिए न्यूनतम 2 लाख रुपए के रत्न व सोने की आवाजाही होनी चाहिए। राज्य इससे अधिक या इतनी ही न्यूनतम रकम ई-वे बिल की अनिवार्यता के लिए तय कर सकते हैं।

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