Edited By jyoti choudhary,Updated: 26 Mar, 2026 11:41 AM

भारत में कुकिंग गैस (LPG) का संकट अब साफ तौर पर नजर आने लगा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी Indian Oil Corporation ने करीब 8 साल बाद ईरान से LPG खरीदी है। इससे पहले जून 2018 में भारत ने आखिरी बार ईरान से गैस आयात की थी।
बिजनेस डेस्कः भारत में कुकिंग गैस (LPG) का संकट अब साफ तौर पर नजर आने लगा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी Indian Oil Corporation ने करीब 8 साल बाद ईरान से LPG खरीदी है। इससे पहले जून 2018 में भारत ने आखिरी बार ईरान से गैस आयात की थी।
इस बार खरीदी गई खेप में लगभग 43,000 टन ब्यूटेन और प्रोपेन शामिल हैं। हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा भी देश की सिर्फ आधे दिन की जरूरत ही पूरी कर पाएगी। इससे देश में बढ़ती मांग और सप्लाई के दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
तीनों बड़ी कंपनियों की संयुक्त कोशिश
इस आपूर्ति में Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) और Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) भी शामिल हैं यानी देश की प्रमुख तेल कंपनियां मिलकर इस संकट से निपटने की कोशिश कर रही हैं।
मिडिल ईस्ट तनाव से बिगड़ी सप्लाई चेन
पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर डाला है। भारत अपनी करीब दो-तिहाई LPG जरूरत आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% सप्लाई वेस्ट एशिया से आती है।
खासतौर पर Strait of Hormuz के जरिए आने वाली सप्लाई बाधित हुई है, जिससे देश में गैस की उपलब्धता पर बड़ा असर पड़ा है।
आम लोगों पर असर, हालात बिगड़े
LPG की कमी अब आम लोगों तक पहुंच चुकी है—
- कई जगह लोग लकड़ी और पारंपरिक ईंधन का सहारा ले रहे हैं
- गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं
- कुछ क्षेत्रों में झगड़े की घटनाएं भी सामने आई हैं
स्थिति को देखते हुए सरकार ने होटल और रेस्टोरेंट जैसे कमर्शियल यूजर्स के लिए गैस सप्लाई में कटौती कर दी है।
ईरान डील और अमेरिका की छूट
हाल ही में United States ने ईरान से तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने पर सीमित छूट दी है। इसी के बाद भारत ने यह कदम उठाया है। शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार “Sea Bird” नाम का LPG कैरियर मैंगलोर पोर्ट की ओर बढ़ रहा है। साथ ही, BPCL द्वारा दो और LPG खेपों को सुरक्षित लाने के लिए बातचीत अंतिम चरण में है।
ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा सवाल
फिलहाल ईरान से LPG खरीदना एक राहत जरूर है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। अगर पश्चिम एशिया में हालात जल्द नहीं सुधरे, तो भारत के सामने ऊर्जा सुरक्षा का संकट और गहरा सकता है।