Edited By jyoti choudhary,Updated: 26 May, 2026 09:59 AM

केंद्र सरकार ने एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी सुविधा देते हुए ‘लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण विनियमन) संशोधन आदेश, 2026’ को अधिसूचित कर दिया है। नए नियमों के तहत अब वे उपभोक्ता, जो बाद में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लेते हैं, अपने...
बिजनेस डेस्कः केंद्र सरकार ने एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी सुविधा देते हुए ‘लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण विनियमन) संशोधन आदेश, 2026’ को अधिसूचित कर दिया है। नए नियमों के तहत अब वे उपभोक्ता, जो बाद में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लेते हैं, अपने एलपीजी कनेक्शन को आसानी से बंद या भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकेंगे। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य एलपीजी और पीएनजी सेवाओं के बीच बदलाव की प्रक्रिया को आसान और परेशानी मुक्त बनाना है।
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क्या हैं नए प्रावधान?
संशोधित नियमों के अनुसार, पीएनजी कनेक्शन लेने वाले एलपीजी उपभोक्ता 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन बंद कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा वे चाहें तो भविष्य में गैर-पीएनजी क्षेत्र में इस्तेमाल के लिए ‘ट्रांसफर वाउचर’ भी प्राप्त कर सकते हैं।

किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
यह फैसला खास तौर पर उन कर्मचारियों, किराएदारों, छात्रों और प्रवासी परिवारों के लिए राहतभरा माना जा रहा है, जिनका अक्सर एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर होता रहता है। अगर वे ऐसे इलाके में शिफ्ट होते हैं जहां पीएनजी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो वे अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन को दोबारा शुरू करवा सकेंगे।
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क्यों किया गया यह बदलाव?
सरकार का उद्देश्य लोगों को एलपीजी सिलेंडर से पीएनजी की ओर आसानी से शिफ्ट करने के लिए प्रोत्साहित करना है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और एलपीजी सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बीच सरकार पीएनजी नेटवर्क को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, ताकि घरेलू गैस व्यवस्था को अधिक स्थिर और सुविधाजनक बनाया जा सके।