Edited By jyoti choudhary,Updated: 04 Jun, 2026 05:15 PM

देश में हाल के दिनों में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चर्चा के बीच मदर डेयरी ने उपभोक्ताओं को राहत भरी खबर दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल दूध की खुदरा कीमतों में किसी तरह की वृद्धि करने की कोई योजना नहीं है। कंपनी का कहना है कि दूध की...
बिजनेस डेस्कः देश में हाल के दिनों में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चर्चा के बीच मदर डेयरी ने उपभोक्ताओं को राहत भरी खबर दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल दूध की खुदरा कीमतों में किसी तरह की वृद्धि करने की कोई योजना नहीं है। कंपनी का कहना है कि दूध की उपलब्धता और खरीद की स्थिति सामान्य बनी हुई है, इसलिए मौजूदा समय में कीमतें स्थिर रहेंगी।
सप्लाई और खरीद सामान्य
मदर डेयरी के चेयरमैन मीनेश शाह ने बताया कि किसानों से दूध की खरीद नियमित रूप से हो रही है और बाजार में सप्लाई भी संतोषजनक है। ऐसे में फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी की आवश्यकता नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि लागत में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, तो कंपनी कीमतों की समीक्षा कर सकती है।
उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद
कंपनी के अनुसार, देश में दूध उत्पादन की स्थिति मजबूत बनी हुई है। सामान्य से कम मानसून के पूर्वानुमान के बावजूद चारे की उपलब्धता को लेकर बड़ी चिंता नहीं है। कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां आ सकती हैं लेकिन अन्य राज्यों से उनकी भरपाई संभव है।
मीनेश शाह ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में देश का दूध उत्पादन पिछले वर्ष के लगभग 250 मिलियन टन के स्तर से 4 से 6 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त उत्पादन क्षमता उपलब्ध रहेगी।
लागत बढ़ी, फिर भी फिलहाल नहीं बढ़ेंगे दाम
कंपनी का कहना है कि पिछले एक वर्ष में दूध खरीद की लागत में करीब 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद मदर डेयरी फिलहाल उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालने के पक्ष में नहीं है। कंपनी अपनी दूध बिक्री से होने वाली आय का लगभग 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा किसानों को भुगतान करती है।
कारोबार में दर्ज हुई मजबूत वृद्धि
मदर डेयरी ने वित्त वर्ष 2025-26 में कारोबार में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। इस दौरान कंपनी का टर्नओवर बढ़कर 20,300 करोड़ रुपए पहुंच गया। कंपनी के मुताबिक, दूध उत्पादों और खाद्य तेल की मजबूत मांग ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वर्तमान में कंपनी देशभर में 9 दूध प्रसंस्करण संयंत्र और 4 बागवानी उत्पाद प्रसंस्करण इकाइयों का संचालन करती है। खाद्य तेल कारोबार में भी कंपनी 16 सहयोगी संयंत्रों के माध्यम से अपनी उपस्थिति बनाए हुए है।