Edited By Pardeep,Updated: 17 Jul, 2026 11:34 PM

भारत में अब लगभग हर जगह E20 पेट्रोल उपलब्ध होने लगा है और सरकार इसे पूरी तरह से अनिवार्य करने की तैयारी में है। हालांकि, एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से प्रदूषण कम होने और कच्चे तेल के आयात में गिरावट आने की उम्मीद है, लेकिन कई वाहन चालकों के लिए यह नई...
नई दिल्ली: भारत में अब लगभग हर जगह E20 पेट्रोल उपलब्ध होने लगा है और सरकार इसे पूरी तरह से अनिवार्य करने की तैयारी में है। हालांकि, एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से प्रदूषण कम होने और कच्चे तेल के आयात में गिरावट आने की उम्मीद है, लेकिन कई वाहन चालकों के लिए यह नई चिंताएं पैदा कर रहा है। यदि आपकी कार में भी E20 पेट्रोल डलवाने के बाद कुछ असामान्य संकेत दिख रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।
इन लक्षणों पर रखें नजर:
- इंजन का मिसफायर होना: यदि कार स्टार्ट करने के बाद पिकअप नहीं ले रही या चलते समय रुक-रुक कर चल रही है, तो यह इंजन द्वारा फ्यूल को ठीक से न जला पाने का संकेत है। इससे स्पार्क प्लग और फ्यूल इंजेक्टर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
- माइलेज में भारी गिरावट: एथेनॉल की कम एनर्जी डेंसिटी के कारण माइलेज में 3 से 5% की कमी आना सामान्य है, लेकिन यदि गिरावट 20 से 30% तक पहुंच जाए, तो यह फ्यूल पंप या इंजन ट्यूनिंग में खराबी का इशारा है।
- फ्यूल पंप से रहस्यमयी आवाजें: यदि फ्यूल टैंक के पास से टिक-टिक या भिनभिनाने की आवाज सुनाई दे, तो समझ लें कि फ्यूल पंप पर दबाव पड़ रहा है और वह खराब हो सकता है।
- अचानक इंजन बंद होना: ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने के दौरान या चलते वक्त अचानक इंजन का बंद होना फ्यूल सप्लाई में रुकावट का गंभीर संकेत हो सकता है।
फिलहाल अभी भी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि वर्तमान कार इंजन एथेनॉल के लिए कितने अनुकूल हैं, यही कारण है कि कंपनियां अब 100% एथेनॉल से चलने वाले इंजनों पर काम कर रही हैं। ऐसे में किसी भी तकनीकी खराबी से बचने के लिए कार को तुरंत मैकेनिक के पास ले जाना ही सही कदम होगा।