Vivah Muhurat 2026: गुरु अस्त और थम गई शहनाइयों की गूंज, अब सीधे नवंबर में गूंजेगा बैंड-बाजा

Edited By Updated: 17 Jul, 2026 03:46 PM

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Vivah Muhurat 2026: साल 2026 में गुरु अस्त और चातुर्मास के कारण विवाह कार्यों पर रोक लग गई है। अब 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के बाद ही शुभ मुहूर्त शुरू होंगे। देखें नवंबर-दिसंबर की पूरी लिस्ट।

Vivah Muhurat 2026: यदि आप साल 2026 के मध्य में विवाह की योजना बना रहे थे, तो आपके लिए यह महत्वपूर्ण खबर है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, वैवाहिक आयोजनों पर अब एक लंबा विराम लग गया है। देवताओं के गुरु बृहस्पति के अस्त होने के साथ ही शहनाइयों की गूंज थम गई है। अब विवाह का अगला सीजन सीधे साल के अंत में यानी नवंबर महीने से शुरू होगा।

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हिंदू धर्म में चातुर्मास का बहुत महत्व है। इस समय के दौरान भगवान विष्णु विश्राम के लिए चले जाते हैं और इस दौरान भगवान शिव सारी सृष्टि को संभालते हैं। ये समय भक्तों के लिए बहुत खास होता है क्योंकि इस दौरान पूजा-पाठ करके हर मनोकामना को पूरा किया जा सकता है। देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान शयन में चले जाते हैं और फिर देवउठनी एकादशी पर उठते हैं। चातुर्मास के आरंभ होते ही सारे मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है विशेषकर शादी-विवाह से संबंधित सभी कामों पर बैन लग जाता है। 

पंचांग गणना के अनुसार, 15 जुलाई 2026 की शाम 07:59 बजे से गुरु ग्रह अस्त हो चुके हैं। अत: इस दौरान भारतीय ज्योतिष शास्त्र किसी भी प्राणी को शुभकार्य की अनुमति नहीं देता। 

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अगस्त में गुरु उदय, फिर भी नहीं होंगे विवाह
वैसे तो गुरु बृहस्पति 12 अगस्त 2026 की भोर में 05:03 बजे पुनः उदय होंगे लेकिन फिर भी शादियां नहीं होंगी क्योंकि 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास शुरू हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार कहलाते हैं। देवशयनी एकादशी के दिन से श्रीहरि विश्राम करने के लिए राजा बलि के घर पाताल लोक में चले जाते हैं। जिसके साथ ही मांगलिक कार्य जैसे- विवाह, मुंडन, जनेऊ आदि करना शुभ नहीं माने जाते।

मान्यता है कि इस दौरान मांगलिक कार्य करने से दैवीय शक्तियों का आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता। हिंदू धर्म के अनुसार शुभ कार्यों में देवी-देवताओं का आवाह्न किया जाता है। चूंकि भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं, इसलिए वह मांगलिक कार्यों में उपस्थित नहीं हो पाते हैं। जिसके कारण इन महीनों में मांगलिक कार्यों पर रोक होती है। 

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देवउठनी एकादशी से फिर शुरू होगी शादियों की धूम
चातुर्मास का समापन 20 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी के दिन होगा। 

नवंबर और दिसंबर 2026 की शुभ तिथियां
ज्योतिषियों के अनुसार, देवउठनी एकादशी के बाद नवंबर और दिसंबर के महीनों में विवाह के कई श्रेष्ठ मुहूर्त बन रहे हैं:

नवंबर 2026: 21, 24, 25 और 26 नवंबर।
दिसंबर 2026: 2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर।

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