Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 Sep, 2026 12:59 PM

किराये में बढ़ोतरी और उड़ानों की संख्या में कटौती से घरेलू एयरलाइंस के हवाई यात्रियों की संख्या में अगस्त में सालाना आधार पर लगातार तीसरे महीने गिरावट देखी गई। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, गत अगस्त
मुंबईः भारत में घरेलू हवाई यात्री यातायात अगस्त में सालाना आधार पर 6.34 प्रतिशत घटकर 121.26 लाख रह गया। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के बुधवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। सभी भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने अगस्त 2025 में कुल 129.47 लाख यात्रियों को हवाई यात्रा कराई थी।
डीजीसीए ने कहा, "जनवरी-अगस्त 2026 अवधि के दौरान घरेलू एयरलाइन कंपनियों ने 1,105.30 लाख यात्रियों को यात्रा कराई, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह संख्या 1,107.26 लाख थी। इस तरह सालाना वृद्धि दर -0.18 प्रतिशत और मासिक (अगस्त 2026 की तुलना में अगस्त 2025) वृद्धि दर -6.34 प्रतिशत रही।"
समीक्षाधीन महीने में इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी जुलाई के 67.4 प्रतिशत से घटकर 65 प्रतिशत रह गई। वहीं, संकटग्रस्त स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी भी जुलाई के 1.6 प्रतिशत से घटकर 1.2 प्रतिशत रह गई। इसके विपरीत, एयर इंडिया समूह की बाजार हिस्सेदारी अगस्त में बढ़कर 26.7 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई 2026 के मुकाबले 2.7 प्रतिशत अधिक है।
डीजीसीए के आंकड़ों के अनुसार, अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी अगस्त में जुलाई के समान 5.5 प्रतिशत रही। अगस्त 2026 में 10 प्रमुख हवाई अड्डों पर समय पर उड़ान संचालन (ओटीपी) के मामले में इंडिगो 91.5 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही। इसके बाद अकासा एयर 90.5 प्रतिशत और एयर इंडिया समूह 83.9 प्रतिशत के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।