Edited By Parveen Kumar,Updated: 29 Sep, 2026 06:07 PM

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में लंबे समय से लंबित बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर समेत 1,941 करोड़ रुपये की लागत वाली चार बड़ी सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शुरुआत की।
नेशनल डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में लंबे समय से लंबित बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर समेत 1,941 करोड़ रुपये की लागत वाली चार बड़ी सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शुरुआत की। शाह ने बारापुला में आयोजित एक कार्यक्रम में इन परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी, सड़क परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और अन्य लोग मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुप्ता ने इन परियोजनाओं की शुरुआत का श्रेय ''डबल-इंजन सरकार की ताकत'' को दिया। उन्होंने कहा, ''डबल-इंजन सरकार के होने से ही दिल्ली की रुकी हुई परियोजनाएं जनता के लिए शुरू की जा सकती हैं। केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर काम कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यातायात जाम की समस्या को दूर करने के लिए कई परियोजनाओं की योजना बना रही है। यह एक ऐसी समस्या है जिसे पिछले 50 वर्षों से नजरअंदाज किया गया था। वहां मौजूद लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि बारापुला फ्लाईओवर के लिए 11 साल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है।
वर्मा ने कहा, ''पिछले साल हमने वादा किया था कि बारापुला फ्लाईओवर का काम एक साल में पूरा हो जाएगा और हमने इसे कर दिखाया। पिछले 18 महीनों में आरोप-प्रत्यारोप या बहानेबाजी की कोई राजनीति नहीं हुई बल्कि सरकार ने सिर्फ जनता के लिए काम किया है।'' चार परियोजनाओं में सबसे बड़ी बारापुला फेज-3 एलिवेटेड रोड कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराना है। इसके तहत सिग्नल-फ्री मार्ग के जरिए मयूर विहार फेज-1 और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को जोड़ा जाएगा।
यह फ्लाईओवर सराय काले खां में मौजूदा बारापुला फ्लाईओवर से जुड़ जाएगा जिससे करीब 10 किलोमीटर लंबे मार्ग का विस्तार पूरा हो जाएगा। इस परियोजना को मूल रूप से 2014 में मंजूरी दी गई थी और 2015 में इसका काम शुरू हुआ था। इसे 2017 तक पूरा किया जाना था लेकिन कई बार देरी हुई और परियोजना की संशोधित लागत बढ़कर करीब 1,635 करोड़ रुपये हो गई। अन्य परियोजनाओं में दक्षिणी दिल्ली में यातायात जाम कम करने के लिए दो नए फ्लाईओवर और उत्तरी दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर एक अंडरपास का निर्माण शामिल हैं।